Tuesday, July 23, 2024
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जिसकी ‘हत्या’ में पति को UP में हुई जेल, वह 6 साल बाद ‘दूसरे पति’ के साथ राजस्थान में मिली: पीड़ित ने कहा- थर्ड डिग्री इस्तेमाल कर पुलिस ने ‘जुर्म’ कबूल करवाया

इसी तरह का एक मामला हाल में अलीगढ़ से सामने आया था। 2015 में अलीगढ़ से गायब हुई एक नाबालिग लड़की की हत्या के आरोप में उसके गाँव के विष्णु गौतम को जेल जाना पड़ा था। सात साल बाद वह लड़की आगरा में जिंदा मिली।

2015 में मथुरा की एक महिला की हत्या के आरोप में उसके पति को 18 महीने जेल में रहना पड़ा। पति का दोस्त भी नौ महीने जेल में रहा। अब वह महिला दूसरे पति के साथ राजस्थान के दौसा में मिली है।

महिला 2015 में गायब हो गई थी। उसके पिता ने हत्या का केस दर्ज करवाया था। महिला के पति और उसके दोस्त की गिरफ्तारी हुई थी। जमानत मिलने के बाद से पति और उसके दोस्त ने महिला की खोजबीन शुरू की। करीब सात साल बाद महिला के राजस्थान में होने की बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में वृंदावन में रहने वाली आरती नामक महिला ने घर से भागकर राजस्थान के दौसा में रहने वाले सोनू सैनी से शादी की थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही वह गायब हो गई। इसके बाद, आरती के पिता ने वृंदावन कोतवाली थाने में अपनी बेटी के गुम होने की एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में, सोनू सैनी, गोपाल सैनी और अरविंद पाठक पर आरोप लगाए गए थे।

इसके बाद, पुलिस ने जाँच शुरू करते हुए, सोनू सैनी और गोपाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, अरविंद पाठक पुलिस के हाथ नहीं लगा। इसी दौरान वृंदावन कोतवाली पुलिस को मथुरा जिले के नहरी क्षेत्र में एक महिला का शव मिला। आरती के पिता ने शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में ही। इसके बाद, करीब 6 महीने बाद आरती के पिता ने सोनू सैनी सहित अन्य लोगों पर आरती की हत्या करने और शव को छिपाने के लिए फेंकने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।

एफआईआर दर्ज होने के बाद, वृंदावन कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के दौसा जाकर सोनू सैनी और गोपाल सैनी को गिरफ्तार किया। साथ ही, हत्या का आरोपित बताते हुए धारा 302 (हत्या) के मामले में कोर्ट में चार्जशीट भी पेश कर दी। इसके बाद, सोनू और गोपाल जेल में बंद थे।

हालाँकि, इसके बाद उन लोगों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। जमानत पर बाहर आने के बाद, दोनों ने मिलकर आरती की तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान सोनू और गोपाल, दौसा के बालाजी थाना क्षेत्र के विशाला गाँव पहुँचे, जहाँ उन्होंने पाया कि आरती अपने परिवार (दूसरे पति) के साथ रह रही है।

इसके बाद, उन लोगों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मथुरा पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। फिर, मथुरा पुलिस ने विशाला गाँव पहुँचकर आरती को हिरासत में लिया और कोर्ट में पेश किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले कि जाँच करते हुए आरती से पूछताछ करने के साथ ही उसके पिता की तलाश कर रही है। साथ ही, यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरती के पिता ने किस आधार पर हत्या का आरोप लगाया था।

वहीं, इस मामले में जेल में बंद रहे सोनू सैनी ने कहा है कि शादी के कुछ दिन बाद ही आरती ने उससे संपत्ति अपने नाम करने और 50 हजार रुपए व कार की माँग की थी। उसने मना कर दिया था। इसके बाद, घर छोड़कर भाग गई थी। उसने अपनी ओर से उसकी तलाश की थी। चूँकि, आरती ने कहा था कि वह घर से भागकर आई है। इसलिए, उसने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।

यही नहीं, पीड़ित सोनू ने कहा है कि उसने खुद को बेगुनाह बताया था। लेकिन पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर कर गुनाह कबूल करने के लिए कहा था। इसलिए, उसने गुनाह कबूल कर लिया था। सोनू ने अपने साथ हुए अन्याय को लेकर सीबीआई जाँच की भी माँग की है।

अलीगढ़ से भी आया था ऐसा ही मामला

इसी तरह का एक मामला हाल में अलीगढ़ से सामने आया था। 2015 में अलीगढ़ से गायब हुई एक नाबालिग लड़की की हत्या के आरोप में उसके गाँव के विष्णु गौतम को जेल जाना पड़ा था। सात साल बाद वह लड़की आगरा में जिंदा मिली है। इतना ही नहीं उसकी शादी हो चुकी थी और दो बच्चे भी हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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