Homeदेश-समाजदिल्ली में नाले से बरामद हुए 3 और शव: 2 भागीरथी विहार, 1 गोकुलपुरी...

दिल्ली में नाले से बरामद हुए 3 और शव: 2 भागीरथी विहार, 1 गोकुलपुरी से – इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

नाले से तीन शव बरामद होने के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। इलाके में पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

दिल्ली में दंगे के बाद शवों के मिलने का सिलसिला अभी भी जारी है। इसी के साथ मौत का आँकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार  (मार्च 1, 2020) को भी तीन शव बरामद हुए हैं, जिसमें एक शव गोकुलपुरी नाले से, जबकि दो शव भागीरथी विहार के नाले से बरामद हुए हैं। इसी के साथ दिल्ली हिंसा में अब तक मरने वालों की संख्या 45 पहुँच गई है। हालाँकि दिल्ली पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है कि रविवार को जो तीन शव नालों से मिले हैं, उनका संबंध दिल्ली दंगों से है या नहीं। पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकाल लिया है और मामले की जाँच में जुटी है।

बता दें कि आईबी अफसर अंकित वर्मा का शव भी नाले से मिला था। दंगों के दौरान 87 लोग गोलियों का शिकार बने थे। इनमें मृतक और घायल शामिल हैं। वहीं 300 के करीब लोग ईंट-पत्थर, लाठी-डंडों, चाकू-तलवार और अन्य धारदार हथियारों से किए गए हमले में जख्मी हुए थे। पुलिस ने मृतकों और घायलों की अस्पतालों द्वारा तैयार मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह आँकड़ा जारी किया है। नाले से तीन शव बरामद होने के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। इलाके में पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो सकी है। बता दें कि हिंसा फैलाने के आरोप में पुलिस ने हथियारों के साथ करीब 40 लोगों को दबोचा है, जबकि आर्म्स एक्ट के तहत 36 मामले दर्ज किए हैं।

पुलिस अब तक 39 हथियार भी बरामद कर चुकी है। इनमें 36 तमंचे और तीन पिस्टल शामिल हैं। वहीं, मौके से कारतूसों के करीब 75 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस ने अभी तक दर्जनभर जगहों पर छापेमारी कर पेट्रोल बम और बम बनाने का सामान बरामद किया हैं। AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन की छतों पर से भी भारी-मात्रा में ईंट-पत्थर, पेट्रोल बम और तेजाब आदि बरामद हुए हैं। ताहिर हुसैन पर अंकित वर्मा की हत्या का गंभीर आरोप है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -