Friday, June 14, 2024
Homeदेश-समाजपत्नी ही नहीं, बेटा भी जानता था दोस्त की बेटी से रेप करता है...

पत्नी ही नहीं, बेटा भी जानता था दोस्त की बेटी से रेप करता है पिता: पीड़िता के लिए उससे ही माँ ने मँगवाई थी गर्भपात की दवा, रिपोर्ट में दावा

पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा है। अपने पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता 1 अक्टूबर 2020 को खाखा से चर्च में मिली थी। खाखा उसके पिता का दोस्त था। वह खाखा को 'मामा' कहती थी। बताया जा रहा है कि नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार उसके साथ खाखा ने बलात्कार किया।

दोस्त की बेटी से रेप करने वाले दिल्ली के अधिकारी की करतूत से उसकी पत्नी ही नहीं, उसका बेटा भी परिचित था। रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता को देने के लिए गर्भपात की दवा लेकर वही आया था। केजरीवाल सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर रहे प्रेमोदय खाखा और उसकी पत्नी सीमा को पुलिस इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। खाखा को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित प्रेमोदय खाखा ने नवंबर 2022 से लेकर जनवरी 2021 तक 17 साल की पीड़िता का कई बार बलात्कार किया। आरोप है कि प्रेमोदय की हरकतों की जानकारी पीड़िता ने उसकी पत्नी सीमा को दी थी। लेकिन पति का विरोध करने के बजाय वह उसके साथ ही मारपीट करती थी। पीड़िता के गर्भवती होने पर सीमा उसे गर्भपात के लिए गोलियाँ दी थी। गोलियाँ उसने अपने बेटे से मँगवाई थी।

इस जानकारी के सामने आने के बाद खाखा के बेटे पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने भी कहा है कि खाखा के बेटे को भी उसके यौन शोषण की खबर थी।

दोस्त की बेटी से दिल्ली के अधिकारी ने किया बलात्कार

पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा है। अपने पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता 1 अक्टूबर 2020 को खाखा से चर्च में मिली थी। खाखा उसके पिता का दोस्त था। वह खाखा को ‘मामा’ कहती थी। पिता की मृत्यु के कारण पीड़िता शोक में थी, इस दौरान खाखा उसे अपने घर ले आया। बताया जा रहा है कि नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार उसके साथ खाखा ने बलात्कार किया।

पीड़िता के गर्भवती होने पर प्रेमोदय खाखा की पत्नी ने उसे गर्भपात की गोलियाँ खिलाई। इससे उसकी तबियत खराब हो गई। लड़की को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ उसने डॉक्टर को पूरी आपबीती सुना दी। इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने पॉक्सो, यौन शोषण, जान से मारने की धमकी, जबरन गर्भपात, मारपीट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

प्रेमोदय खाखा के बारे में सामने आया है कि उसके खिलाफ 3 अन्य महिलाओं ने भी वर्कप्लेस पर उत्पीड़न की शिकायत दी थी। आरोप है कि उनके ही विभाग ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया और उनसे जवाब तक नहीं माँगा। ऑपइंडिया के पास 23 फरवरी, 2019 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली के WCD विभाग को भेजा गया वो पत्र मौजूद है, जिसमें लिखा गया है कि जवाब माँगे जाने के बावजूद विभाग ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सोशल मीडिया से पता चलता है कि प्रेमोदय खाखा कट्टर ईसाई है। एक फेसबुक पोस्ट में उसने लिखा है, “मेरी कोई आशा न होती यदि मैं इस बात से अनजान होता कि किसी ने मेरे सब कर्मों का फल क्रूस पर बलिदान होकर भुगत लिया।” उसने इंट्रो में बाइबिल का एक उद्धरण लगा रखा है। बाइबिल के ‘जॉन’ में 14वें चैप्टर की 21वीं वर्स के इस उद्धरण का मतलब है, “जिसके पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूँगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूँगा।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान पर ‘मत देखो’, इस्लामी कुरीति पर सवाल उठाना ‘आपत्तिजनक’: PK और ‘हमारे बारह’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दोहरा रवैया...

राधा व दुर्गा के साथ 'सेक्सी' शब्द जोड़ने वालों और भगवान शिव को बाथरूम में छिपते हुए दिखाने वालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कार्रवाई की थी? इस्लामी कुरीति दिखाने पर भड़क गया सर्वोच्च न्यायालय, हिन्दू धर्म के अपमान पर चूँ तक नहीं किया जाता।

‘इंशाअल्लाह, राम मंदिर को गिराना हमारी जिम्मेदारी बन चुकी है’: धमकी के बाद अयोध्या में अलर्ट जारी कर कड़ी की गई सुरक्षा, 2005 में...

"बाबरी मस्जिद की जगह तुम्हारा मंदिर बना हुआ है और वहाँ हमारे 3 साथी शहीद हुए हैं। इंशाअल्लाह, इस मंदिर को गिराना हमारी जिम्मेदारी बन गई है।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -