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दिल्ली के जामिया में पुलिस ने रोकी तेज आवाज वाली बुलेट, आसिफ-रियाजुद्दीन ने SHO को पीटा: समझौता करने का डाल रहे थे दबाव, नहीं मानने पर बोला हमला

दिल्ली में तेज आवाज़ वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाने पर जुर्माना लगता है। मोटर व्हीकल्स एक्ट के नियम 39/192 के तहत, दिल्ली में प्रेशर हॉर्न बजाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

दक्षिण पूर्वी दिल्ली के बटला हाउस इलाके में आसिफ और रियाजुद्दीन नाम के बाप-बेटे ने एसएचओ को ही पीट दिया। जिसके बाद एसएचओ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये घटना जामिया नगर इलाके की है।

जानकारी के मुताबिक, जामिया नगर थाने के SHO नरपाल सिंह रात में गश्त पर थे, तभी उन्होंने एक तेज आवाज में चल रही बुलेट बाइक को रोका। बाइक में अवैध साइलेंसर लगाया गया था, जिससे उसकी आवाज तय सीमा से अधिक हो गई थी, जो मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करता है।

SHO ने बाइक सवार 24 वर्षीय आसिफ को रुकने का इशारा किया और जाँच शुरू कर दी। जैसे ही आसिफ को कानून कार्रवाई का सामना करना पड़ा, उसने अपने अब्बू रियाजुद्दीन को मौके पर बुला लिया। दोनों ने मिलकर SHO से बुलेट वापस लेने और यहीं समझौता करने का दबाव बनाया।

बात नहीं मानने पर दोनों ने SHO के साथ हाथापाई शुरू कर दी। रियाजुद्दीन ने SHO को पकड़ लिया और आसिफ ने उनके चेहरे पर मुक्का मारा। यह मारपीट इतनी गंभीर हो गई कि SHO नरपाल सिंह को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पुलिस ने इस घटना के बाद अब्बू रियाजुद्दीन और बिगड़ी औलाद आसिफ, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने कानून व्यवस्था को चुनौती दी है और पुलिस इस पर सख्त कार्रवाई कर रही है।

बता दें कि दिल्ली में तेज आवाज़ वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाने पर जुर्माना लगता है। मोटर व्हीकल्स एक्ट के नियम 39/192 के तहत, दिल्ली में प्रेशर हॉर्न बजाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अगर किसी शांत इलाके में बार-बार हॉर्न बजाया जाए, तो 2,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। मॉडिफ़ाइड साइलेंसर लगाना रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट के उल्लंघन में आता है। इन्हीं कार्रवाईयों से बचने के लिए ही रियाजुद्दीन और आसिफ न सिर्फ एसएचओ जैसे सीनियर पुलिस कर्मी से भिड़ गए, बल्कि हमला कर उनकी आँख को भी चोट पहुँचाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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