दिल्ली के सीआर पार्क में हुए डबल मर्डर का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब आरके आश्रम इलाके में RBI से रिटायर्ड कर्मचारी 63 वर्षीय माधव राम वाल्मीकि की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपित मृतक के गले से सोने की चेन और सोने की अँगूठी ले गया। आरोपित मोहम्मद आजाद हुसैन, माधव राम को पानी देने के बहाने छत पर गया था। हत्या करने के बाद घर पर पहुँचे आजाद के खून से सने कपड़ों को उसकी बीवी रूबीना ने सबूत मिटाने के इरादे से साफ किया था।
19 अप्रैल की शाम को हुई हत्या के बाद ऑपइंडिया की टीम उस जगह पहुँची जिस घर में मोहम्मद आजाद ने इस घटना को अंजाम दिया था। गुस्साए हिंदू समाज के लोग इकट्ठा होकर बीते मंगलवार (21 अप्रैल 2026) घटना के विरोध में मृतक माधव राम के घर पहुँचे। सूचना पर पहले से बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और RAF के जवान तैनात थे। घर के बाहर कुछ मीडिया कर्मियों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा था।
घर के बाहर घटना से गुसाईं महिला रिश्तेदार ने हमें देखते ही कहा कि कुछ नहीं होगा, उत्तम नगर में भी कुछ नहीं हुआ। वहाँ भी बहुत मीडिया वाले और हिंदूवादी आए थे लेकिन क्या हुआ? तरुण की माँ आज भी न्याय के लिए बिलख रही है। ऐसे ही अब हमारे जीजा जी को बेरहमी से मारा है। पुलिस से कुछ नहीं होता तो उसे हमारे हवाले कर दो हम अपना हिसाब कर लेंगे। महिला ने आगे गुस्से में कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम उनके घरों में सूअर छोड़ेंगे। चाहे हम कुछ भी करना पड़े हमें इंसाफ चाहिए खून के बदले खून चाहिए।
इसके बाद हम छोटे से बने माधव राम के घर के अंदर दाखिल हुए। एक छोटे से कमरे में उनका पूरा परिवार और कुछ रिश्तेदार गमगीन बैठे हुए थे। इकलौते बेटे सिद्धांत ने बताया कि घर पर पड़ोस में रहने वाला मोहम्मद आजाद हमारे घर आया था। उसने मुझसे ₹3000 पेटीएम करने के लिए बोला मैंने मना कर दिया। सिद्धांत ने कहा, “मैं वहाँ से बाहर जूस पीने के लिए चला गया। इसके कुछ देर बाद ही मुझे बहन का कॉल आता है की भैया जल्दी आ जाओ घर वह रो रही थी। मैं कुछ समझ नहीं पाया।”
सिद्धांत बताते हैं, “मैं जल्दी घर पहुँचा तो घर के बाहर भीड़ लगी थी और छत पर जाकर देखा तो पापा खून से लथपथ पड़े हुए थे। मुझसे देखा नहीं गया। कभी सोचा नहीं था कि अपने घर में ही पापा का यह हाल होगा।” सिद्धांत आगे बताते हैं कि घटना के बाद अहसास हुआ कि आजाद उर्फ जाजू हमारे घर की लगातार रेकी कर रहा था क्योंकि दो दिन पहले ही बैंक से मम्मी-पापा बैंक में रखे जेवरात लेकर आए थे और उस समय वह घर पर ही था।
माधव राम की पत्नी ने बताया कि मैं एक कार्यक्रम में जाने की तैयारी कर रही थी। वो घटना को याद कर बताती हैं, “उसी टाइम उन्होंने (माधव राम) मुझसे पानी माँगा तो मैं पानी बोतल लेकर ऊपर देने जा ही रही थी कि तभी जाजू आया उसने मेरे हाथ से बोतल लेते हुए कहा कि ‘आपके परेशान क्यों होते हो मैं देता हूँ’ और इसी के बहाने जाजू छत पर चला गया और मैं बाहर अपने कार्यक्रम में चली गई।”
रोते बिलखते हुए वह बताती हैं, “इसके बाद मुझे बेटी का फोन आया तो घटना के बारे में पता चला। शायद मैं यहाँ से नहीं जाती है तो ये घटना नहीं होती। यहाँ रहते हुए 70-80 साल हो गए। अब मैं कहाँ जाऊँगी। हमें इंसाफ चाहिए हमें योगी मॉडल चाहिए हमें जान के बदले जान चाहिए।”
आरोपित ने 2 साल पहले किया था अपनी माँ का कत्ल
माधव राम के बेटे सिद्धांत ने बताया कि मोहम्मद आजाद ने करीब 2 वर्ष पहले ऐसे ही अपनी अम्मी का भी कत्ल किया था। पड़ोस में ही रहने वाले चंद्रपाल सिंह ने बताया कि करीब 2-3 साल पहले इसी युवक ने अपनी अम्मी को भी ऐसे ही मारा था लेकिन उस मामले में भी पुलिस ने कोई ठोक कार्रवाई नहीं की थी जिसके कारण वह आज तक खुलेआम घूमता रहा और फिर उसने इस घटना को अंजाम दे दिया।
भाईचारे में गई माधव राम की जान
बेटे सिद्धांत ने बताया कि मोहम्मद आजाद का बहुत सालों से हमारे घर पर आना-जाना था। वह बताते हैं कि पिताजी के रिटायरमेंट के बाद पापा का उसके साथ और भी ज्यादा उठना बैठना हो गया था लेकिन हमें कभी शक नहीं हुआ। माधव राम की पत्नी कहती हैं कि जब भी जाजू घर आता था तो माधव राम कई बार अपने हिस्से का खाना तक उसे खिला देते थे।
परिवार कर रहा योगी मॉडल की माँग
बेटे सिद्धांत कहते हैं, “यह घटना अगर यूपी में हुई होती तो अब तक हमें इंसाफ मिल जाता। आज घटना को तीन दिन हो गए लेकिन हमसे कोई मिलने तक नहीं आया। हमें न्याय चाहिए। आरोपित का योगी मॉडल से एनकाउंटर होना चाहिए।” इसी बात को पत्नी और उनकी बड़ी बेटी यहाँ तक कि आसपास में बैठे उनके रिश्तेदार भी दोहराते हुए योगी मॉडल की माँग करते हैं। बड़ी बेटी कहती है कि मैं चाहती हूँ कि जैसे मेरे पापा को तड़पा-तड़पाकर मारा है ऐसे ही आरोपित को तड़पा-तड़पाकर मारा जाए।
घटना के विरोध में इकट्ठा हुई भीड़ में शामिल एक युवक ने कहा कि अब ऐसे अपराधियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस को योगी मॉडल की तर्ज पर गाड़ी पलटकर उनका परमानेंट इलाज करना होगा। इस दौरान महंत मंगल दास कहते हैं, “हिंदू समाज का रक्त बर्फ के जैसे जम गया है उसी को पिघलने के लिए मैं यहाँ आया हूँ, मैं कहता हूँ कि किसी भी क्रिया की प्रतिक्रिया जरूर होनी चाहिए नहीं तो कभी उत्तम नगर तो कभी आरके आश्रम होता रहेगा।”
विजय नाम के युवक ने कहा कि जब तक हिंदू समाज सोता रहेगा तब तक इस तरह की घटना होती रहेंगे या रहने वाले लोग सुरक्षित नहीं है क्योंकि यहाँ 70% मुस्लिम आबादी रहती है। विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन लगातार हिंदू जागरुक हो रहा है और सामने आकर अब अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहा है जो कि पहले नहीं होता था।
उन्होंने कहा, “रक्त बहाना मुसलमान के स्वभाव में है, जिसे उन्हें छोड़कर हमारे(हिंदू) जैसे शांत स्वभाव को अपनाना चाहिए जिससे कि वह सुरक्षित रह सकें। सोचिए कि अगर उनका स्वभाव हमारे बच्चों ने अपना लिया तो किसी(मुसलमानों) को भी भारत की भूमि पर सर छिपाने की जगह नहीं मिलेगी।” उन्होंने हिंदुओं को सजग करते हुए कहा कि हिंदुओं को सुरक्षित रहना है तो मुसलमान से दूर का व्यवहार रखना होगा। अगर अपने घर में घुसने की इजाजत देंगे तो कभी ना कभी हम इस तरह की घटनाओं का शिकार होंगे। आपको बता दें कि मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना के बाद बोला मुस्लिम- परिवार का कोई दोष नहीं
पड़ोसन रहने वाले कमल हसन ने कहा कि यह घटना बहुत दु:खद है। वो कहते हैं कि हम मुस्लिम समाज के लोगों ने आरोपी के परिवार का बहिष्कार किया है लेकिन इसमें परिवार का कोई दोष नहीं है। उस एक गलत व्यक्ति के कारण माहौल खराब हुआ है। उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं, रेडीमेड की दुकान करने वाले अजीब नाम के युवक ने कहा कि आरोपित को कठोर सजा होनी चाहिए। उसने बहुत गलत किया है। पड़ोस में रहने वाले हैदर अली कहते हैं कि एक हरामखोर ने हमारे पूरे इलाके की शांति को भंग कर दिया है और सरकार से कहूँगा कि उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
इलेक्ट्रीशियन प्रकाश को दो दिन बाद पुलिस ने छोड़ा
घटना के विरोध में इकट्ठा हुए हिंदू समाज के लोगों ने दिल्ली पुलिस के सामने सबसे पहले इलेक्ट्रीशियन प्रकाश कोतत्काल छोड़ने की माँग रखी। इसके बाद माहौल को देखते हुए पुलिस ने 10 मिनट के अंदर ही प्रकाश को परिजनों को हवाले कर दिया। प्रकाश को दो दिन से पुलिस ने पूछताछ के नाम पर थाने में बिठा रखा था। प्रकाश ने हमें बताया कि मैं रोज की तरह माधव राम जी को आवाज देते हुए छत पर गया लेकिन उन्होंने जवाब में कोई आवाज नहीं दी।
वह बताते हैं कि उन्होंने चादर ओढ़ी हुई थी तो मैं उनके पैर पड़कर हिलाए सोचा कि सो रहे होंगे। फिर भी उठ नहीं उठे तो मैंने चादर हटाई तो पूरा शरीर खून से लथपथ था, उन्हें देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने कहा, “मैं तुरंत नहीं गया और उनकी बेटी को बताया। फिर पूरे मोहल्ले वालों को पता चला। मैं 12-13 साल से माधव राम को जानता था यह घटना बहुत दुखद है आरोपित को को फाँसी की सजा होनी चाहिए।”


