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नॉर्थ ईस्ट को भारत से काट कर अलग करना चाहता था जो शरजील इमाम, उसकी एक और जमानत याचिका खारिज: दलील में कहा था- लंबा चलेगा केस

साल 2020 में देश की राजधानी दिल्ली में हिन्दू विरोधी दंगे हुए थे। इन दंगों में न सिर्फ हिन्दुओं बल्कि आईबी अधिकारी की भी हत्या कर दी गई थी। हिन्दुओं के घरों को लूटकर जला दिया गया था। हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमले हुए थे। पुलिस इन दंगों का मुख्य आरोपित शरजील इमाम को बनाया था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

हाईकोर्ट ने बुधवार (4 सितंबर 2024) को दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित शरजील इमाम की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार दिया। अदालत ने कहा कि इस केस में सुनवाई के लिए पहले से ही 7 अक्टूबर 2024 की तारीख तय है। याचिकाकर्ता ने तर्क किया था कि जमानत याचिका की सुनवाई 2 साल से अधिक समय से पेंडिंग है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरजील इमाम की तरफ से तर्क दिया गया था कि 29 अप्रैल 2022 से उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित है। यह याचिका 7 अलग-अलग पीठों के सामने 62 बार लिस्टिंग हो चुकी है। हालाँकि, बेंचों की संरचना में कई बार बदलाव, रोस्टर में फेरबदल, न्यायाधीशों के अवकाश पर रहने आदि की वजह से इन सवा दो वर्षों में इस पर सुनवाई नहीं हो सकी।

याचिका में आगे तर्क दिया गया है कि सुनवाई लंबित रही और अगली डेट पड़ती रही। इसके कारण हर बार नए सिरे से सुनवाई करनी पड़ी। शरजील के वकील ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि अभी यह केस जल्दी खत्म नहीं होने वाला है, क्योंकि पुलिस की जाँच जारी है। इस केस में 1 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेजों की जाँच करने का काम अभी बाकी है।

इन सभी के अलावा 1,000 से अधिक गवाहों की गवाही भी होनी है। इस याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की बेंच में हुई। सरकारी वकील ने शरजील की इस याचिका का विरोध किया। आखिरकार अदालत ने शरजील इमाम द्वारा दायर जल्द सुनवाई की याचिका ख़ारिज कर दी।

बताते चलें कि 2020 में देश की राजधानी दिल्ली में हिन्दू विरोधी दंगे हुए थे। इन दंगों में न सिर्फ हिन्दुओं बल्कि आईबी अधिकारी की भी हत्या कर दी गई थी। हिन्दुओं के घरों को लूटकर जला दिया गया था। उसने नॉर्थ ईस्ट को भारत की भी बात कही थी। पुलिस इन दंगों का मुख्य आरोपित शरजील इमाम को बनाया था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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