Sunday, August 1, 2021
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ऑक्सीजन टैंकर नहीं हैं तो व्यवस्था करें, आपके पास चलकर नहीं आएँगे: केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाईकोर्ट ने फटकारा

“हर राज्य अपने लिए ऑक्सीजन टैंकरों की व्यवस्था कर रहे हैं, अगर आपके पास अपने टैंकर नहीं हैं, तो उनकी व्यवस्था करें। आपको यह करना होगा, केंद्र सरकार के अधिकारियों से संपर्क करें। हम अधिकारियों के बीच संपर्क की सुविधा के लिए यहाँ नहीं बैठे हैं।”

कोरोना संकटकाल में देश की राजधानी दिल्ली में हालात बहुत भयावह हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ चुकी है, अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिल रही है। वहीं, दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में शुक्रवार रात ऑक्सीजन की कमी को लेकर 20 मरीजों की मौत हो गई और 200 से अधिक मरीजों की साँसों पर संकट अभी भी बना हुआ है। 

इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर केजरीवाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल के सॉलिसिटर जनरल एसजी मेहता और कोर्ट की ओर से पेश वकील सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार को अन्य राज्यों की तुलना में लापरवाह बताया है।

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ओएसडी आशीष वर्मा को कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि अन्य राज्य ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए कई बड़े कदम उठा रहे हैं, इसलिए ऐसा कोई कारण नहीं है जो दिल्ली सरकार नहीं कर सकती थी।

कोर्ट ने दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील राहुल मेहरा से यह भी कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए व्यवस्था की हुई है, लेकिन जब तक दिल्ली सरकार खुद पहल नहीं करती, तब तक चीजें आगे नहीं बढ़ेंगी।

कोर्ट ने वर्मा से कहा, “हर राज्य अपने लिए ऑक्सीजन टैंकरों की व्यवस्था कर रहे हैं, अगर आपके पास अपने टैंकर नहीं हैं, तो उनकी व्यवस्था करें। आपको यह करना होगा, केंद्र सरकार के अधिकारियों से संपर्क करें। हम अधिकारियों के बीच संपर्क की सुविधा के लिए यहाँ नहीं बैठे हैं।”

कोर्ट ने मेहरा से कहा, “अगर आवंटन 3 दिन पहले किया गया था, तो आपने टैंकरों के लिए कोई और विकल्प क्यों नहीं तलाशा? आपकी पार्टी के प्रमुख खुद एक प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं, वह जानते हैं कि यह काम कैसे किया जाता है।”

दिल्ली हाईकोर्ट ने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आशीष वर्मा चीजों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। समस्या यह है कि आपको लगता है कि आवंटन हो चुका है। इसलिए सब कुछ आपके दरवाजे पर चलकर आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। आवंटन के बाद आपने ऑक्सीजन टैंकरों को लेने के लिए कोई प्रयास किया है?

जब वकील मेहरा ने कोर्ट को बताया कि वे कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “यह क्या है? आप इस स्थिति को भी हलके में ले रहे हैं। क्या आपने प्लांट से संपर्क किया है? कोर्ट ने यह भी कहा कि आवंटन के बाद से सभी राज्य ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए इंतजाम कर रहे हैं। दिल्ली सरकार को भी ये सब करने की आवश्यकता है।”

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राउरकेला से टैंकर तैयार थे, लेकिन इसे लेने के लिए कोई नहीं था। उन्होंने कहा, “अन्य सभी राज्य ऑक्सीजन के टैंकरों के लिए रेलवे से संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली को तो बनी बनाई थाली पसंद है। हम राज्यों की मदद कर रहे हैं। दिल्ली के अधिकारियों को भी ऐसा करने की जरूरत है।”

वहीं, एसजी मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि ऑक्सीजन की सप्लाई सुचारू ढंग से हो इसके लिए दिल्ली में कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसी समस्याओं का किसी अन्य राज्य ने सामना नहीं किया था। दिल्ली एक अपवाद है।

बता दें कि जयपुर गोल्डन अस्पताल के डॉक्टर डीके बालुजा ने बताया है कि अस्पताल में अब सिर्फ आधे घंटे की ऑक्सीजन बची है। इतना ही नहीं, ऑक्सीजन की कमी के कारण यहाँ 200 से ज्यादा लोगों की जिंदगी दॉँव पर लगी है। हमने कल रात ऑक्सीजन की कमी के कारण 20 लोगों को खो दिया। यहाँ शाम 5 बजे ऑक्सीजन की सप्लाई आनी थी, लेकिन रात 12 बजे ऑक्सीजन मिली और वो भी आधी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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