Wednesday, August 4, 2021
Homeदेश-समाज'मनचाहा समय नहीं ले सकते, भारत का कानून मानना ही पड़ेगा': दिल्ली HC ने...

‘मनचाहा समय नहीं ले सकते, भारत का कानून मानना ही पड़ेगा’: दिल्ली HC ने ट्विटर को फटकारा, दिया 8 जुलाई तक का समय

ट्विटर बार-बार 'प्रक्रिया चालू होने' की बात कर रहा है। 21 जून, 2021 को धर्मेंद्र चतुर ने ट्विटर के ग्रीवांस रेड्रेसल अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से अब तक कोई नियुक्ति नहीं की गई है।

माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर ने अब तक नए आईटी नियमों के हिसाब से ग्रीवांस रेड्रेसल ऑफिसर की तैनाती नहीं की, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उसे फटकार लगाई। जस्टिस रेखा पल्ली ने ट्विटर से पूछा कि आपकी प्रक्रिया कितना समय लेती है? उन्होंने कहा कि अगर ट्विटर को लगता है कि हमारे देश में वो जितना समय चाहे उतना समय ले सकता है, तो हम इसकी अनुमति नहीं दे सकते। ट्विटर पहले ही कई कारणों से घिरा हुआ है।

ट्विटर को गुरुवार (8 जुलाई, 2021) तक का समय दिया गया है। उसे उस दिन तक बताना होगा कि वो कब ग्रीवांस रेड्रेसल अधिकारी के रूप में किसी भारतीय की नियुक्ति कर रहा है। नए आईटी नियमों के हिसाब से काम शुरू करने की समयसीमा ख़त्म हो चुकी है, लेकिन ट्विटर ने इसके कई हफ्ते बीतने के बावजूद इसे मानने में आनाकानी जारी रखी है। अब उसने कहा है कि उसे दो हफ्ते और चाहिए।

वो बार-बार ‘प्रक्रिया चालू होने’ की बात कर रहा है। 21 जून, 2021 को धर्मेंद्र चतुर ने ट्विटर के ग्रीवांस रेड्रेसल अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से अब तक कोई नियुक्ति नहीं की गई है। ट्विटर के वकील ने कहा कि कंपनी का मुख्यालय अमेरिका में है, इसीलिए फैसले में देरी हो रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेताया कि वो या तो बेहतर प्रतिक्रिया के साथ आए, वरना उसके ऊपर मुसीबत आ सकती है।

वहीं केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा कि 3 महीने बीतने के बावजूद ट्विटर नए आईटी नियमों का पालन नहीं कर रहा है। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ट्विटर को सुरक्षा देने का उसका कोई इरादा नहीं है, ये स्पष्ट किया जा चुका है। साथ ही कहा कि उसे भारतीय कानूनों का पालन करना ही पड़ेगा। ट्विटर फ़िलहाल भारत की शिकायतों का निपटारा एक अमेरिकी अधिकारी के जरिए करा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।

इधर दिल्ली स्थित एक कार्यकर्ता समूह कलिंग राइट्स फोरम (KRF) ने कथित तौर पर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी और पब्लिक पॉलिसी मैनेजर शगुफ्ता कामरान के खिलाफ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) में शिकायत दर्ज कराई है। KRF ने आरोप लगाया है कि इन्होंने भारत के खिलाफ बच्चों का इस्तेमाल कर आतंकवादी संगठनों को आतंकी साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अगर बायोलॉजिकल पुरुषों को महिला खेलों में खेलने पर कुछ कहा तो ब्लॉक कर देंगे: BBC ने लोगों को दी खुलेआम धमकी

बीबीसी के आर्टिकल के बाद लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जब लॉरेल पैदा आदमी के तौर पर हुए और बाद में महिला बने, तो यह बराबरी का मुकाबला कैसे हुआ।

दिल्ली में कमाल: फ्लाईओवर बनने से पहले ही बन गई थी उसपर मजार? विरोध कर रहे लोगों के साथ बदसलूकी, देखें वीडियो

दिल्ली के इस फ्लाईओवर का संचालन 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन मजार की देखरेख करने वाला सिकंदर कहता है कि मजार वहाँ 1982 में बनी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,995FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe