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‘भारत के खिलाफ बच्चों का इस्तेमाल कर आतंकी साजिश रचने वालों की मदद कर रहा ट्विटर’: KRF ने NCPCR में दर्ज कराई शिकायत

''ट्विटर इंडिया अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद समर्थकों जैसे आतंकवादी संगठनों को भारत के खिलाफ काम करने और बच्चों को कट्टर बनाने एवं उनका ब्रेनवॉश करने जैसी गतिविधियों के माध्यम से आतंकी भर्ती गतिविधियों को आसान बनाने के लिए अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है।''

ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अब वह भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने और जिहादी संगठनों को अपना मंच इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए कड़ी आलोचना का सामना कर रहे हैं। दिल्ली स्थित एक कार्यकर्ता समूह कलिंग राइट्स फोरम (केआरएफ) ने कथित तौर पर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी और पब्लिक पॉलिसी मैनेजर शगुफ्ता कामरान के खिलाफ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) में शिकायत दर्ज कराई है।

केआरएफ (KRF) ने आरोप लगाया है कि इन्होंने भारत के खिलाफ बच्चों का इस्तेमाल कर आतंकवादी संगठनों को आतंकी साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आतंकवादी गतिविधियों के लिए भर्ती को सुविधाजनक बनाने के लिए छोटे बच्चों को आतंकवादी संगठनों के चेहरे के रूप में दिखाया जा रहा है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को अपनी शिकायत में कलिंग राइट्स फोरम लिखता है, ”ट्विटर इंडिया अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद समर्थकों जैसे आतंकवादी संगठनों को भारत के खिलाफ काम करने और बच्चों को कट्टर बनाने एवं उनका ब्रेनवॉश करने जैसी गतिविधियों के माध्यम से आतंकी भर्ती गतिविधियों को आसान बनाने के लिए अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है।”

इस्लामिक आतंकवादी संगठनों को मंच मुहैया करा रहा ट्विटर इंडिया

ट्विटर इंडिया आतंकवादी समूहों को अपने संदेश फैलाने, सदस्यों की भर्ती करने, खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और अपने नेटवर्क से जुड़ने के लिए मंच प्रदान कर आतंकवादियों की मदद कर रहा है। दिल्ली स्थित कार्यकर्ता समूह ने लिखा कि ट्विटर इंडिया आतंकवादी समर्थकों को वीडियो पोस्ट करने की अनुमति देता है, जिसमें छोटे बच्चों को एके-47 पकड़े हुए, हवा में शूटिंग करते हुए दिखाया गया है। वहीं, अन्य आतंकवादी बच्चे को करीब से देखते हैं और बंदूक से गोली चलाने का निर्देश देते हैं।

एक्टिविस्ट ग्रुप ने AGH HISTORY द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट के लिंक और आर्काइव लिंक को ट्विटर हैंडल @Rainbow35886147 द्वारा साझा किया है। इसमें एक छोटे बच्चे को आतंकवादियों द्वारा एके-47 का इस्तेमाल करना सिखाया जा रहा है। कार्यकर्ता समूह का दावा है कि AGH HISTORY इस्लामिक आतंकवादी संगठन अंसार गजवात-उल-हिंद का समर्थक है, जो अल-कायदा की एक कश्मीरी शाखा है। यह भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है।

केआरएफ ने एनसीपीसीआर को अपनी शिकायत में आगे लिखा कि आतंकवादी संगठन के ट्विटर पोस्ट में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। जैसे #pulwama #shopian #kulgam #tral #anantnag #kupwara #Baramulla #lolab #sopore #srinager #jammu #doda जहाँ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद एक गंभीर चिंता का विषय है।

ट्विटर इंडिया भारत के खिलाफ साजिश कर रहा

माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर इस तरह के पोस्ट की अनुमति देकर ट्विटर इंडिया भारत के खिलाफ साजिश कर रहा है। वह भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों को भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले करने के लिए उकसा रहा है उनका समर्थन कर रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि आतंकवादी समर्थक AGH HISTOrY ने अपने ट्विटर पोस्ट में टेलीग्राम समूहों के लिंक का खुले तौर पर उल्लेख किया है। इसके अलावा साथी आतंकवादी समर्थकों को इन समूहों में शामिल होने के लिए कहा है।

एनसीपीसीआर ने शिकायत पर गौर किया कि कैसे सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी ने पिछले कई मौकों पर इन आतंकवादी संगठनों को अपने नापाक भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करके उनका स्पष्ट रूप से समर्थन किया है। ट्विटर इंडिया को “serial offenders” कहते हुए कार्यकर्ता समूह ने ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट का लिंक साझा किया है। इसमें बताया गया था कि कैसे भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने फरवरी 2021 में आतंकवादी संगठनों के प्रति सहानुभूति रखने के लिए ट्विटर इंडिया को नोटिस जारी किया था।

द हिंदू की 12 फरवरी की रिपोर्ट का स्क्रीनग्रैब

इसमें आगे उल्लेख किया गया है कि 1 फरवरी को गृह मंत्रालय ने ट्विटर को ‘फर्जी और उकसाने वाली सामग्री को बढ़ावा देने वाले’ 250 हैंडल को ब्लॉक करने का निर्देश दिया था।

सरकार ने उन 250 ट्वीट्स और अकाउंट्स को ब्लॉक किया

ध्यान दें कि 1 फरवरी 2021 को ऑपइंडिया ने बताया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने लगभग 250 ट्वीट्स/ट्विटर अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया था, जिन्होंने #ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग का इस्तेमाल फेक खबर फैलाने और लोगों को डराने के लिए किया था। इनमें कई 30 जनवरी 2021 को किए गए भड़काऊ ट्वीट्स भी शामिल थे। सूत्रों ने तब ऑपइंडिया को बताया था कि यह गृह मंत्रालय और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोध पर किया गया है, ताकि चल रहे किसान आंदोलन को देखते हुए कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। इन फर्जी अकाउंट में अभिनेता सुशांत सिंह और कॉन्ग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की कंसल्टिंग एडिटर संजुक्ता बासु का नाम भी शामिल था।

इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली स्थित कार्यकर्ता समूह कलिंग राइट्स फोरम (केआरएफ) ने एनसीपीसीआर से आग्रह किया कि वह दिल्ली पुलिस को ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी और ट्विटर इंडिया पॉलिसी मैनेजर शगुफ्ता कामरान के खिलाफ जुवेनाइन जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन एक्ट) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें। मालूम हो कि इसके तहत जुवेनाइन जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन एक्ट), 2015, गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 17,18,19 और अन्य आईपीसी धाराएँ उपयुक्त मानी गईं हैं।

उन्होंने वैधानिक निकाय से अनुरोध किया है कि वह ट्विटर इंडिया के एमडी, उसके पॉलिसी मैनेजर और अन्य अधिकारियों को अगले 24 घंटों के भीतर ऐसी भारत-विरोधी, आतंकवाद-विरोधी सामग्री को हटाने का आदेश दें। साथ ही एनसीपीसीआर, गृह मंत्रालय और भारत सरकार को आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर इंडिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश देने के लिए भी कहा है।

ट्विटर इंडिया को नोटिस भेजने की प्रक्रिया में एनसीपीसीआर ने लिया संज्ञान

इसी बीच, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया है। दिल्ली स्थित एक्टिविस्ट ग्रुप द्वारा दायर शिकायत के जवाब में वैधानिक निकाय के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने लिखा, ‘नोटेड’। दिल्ली स्थित एक्टिविस्ट ग्रुप के एक सदस्य ने ऑपइंडिया को बताया कि एनसीपीसीआर फिलहाल नोटिस का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है, जिसे वैधानिक निकाय इस संबंध में ट्विटर इंडिया को भेजेगा। ट्विटर इंडिया को एनसीपीसीआर के नोटिस की कॉपी मिलने के बाद ऑपइंडिया विवरण अपडेट करेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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