Sunday, September 27, 2020
Home देश-समाज 'कल सब आएँ और साथ में पत्थर, डंडे, रॉड लाएँ': सफूरा जरगर और उसके...

‘कल सब आएँ और साथ में पत्थर, डंडे, रॉड लाएँ’: सफूरा जरगर और उसके साथियों के गुप्त बैठकों की डिटेल

यह बात साफ़ है कि जो भीड़ रतन लाल की हत्या के लिए ज़िम्मेदार थी उसे भड़काने में सफूरा जैसे लोगों की भूमिका सबसे ज्यादा रही है। इसके अलावा 24 फरवरी के दिन चाँद बाग़ में हुए दंगों की योजना तैयार करने में सफूरा का नाम शुरूआती तौर पर ही आता है। फिलहाल जाँच भले जारी है, लेकिन इतने तथ्य घटना की तस्वीर काफी हद तक साफ़ कर देते हैं।

दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के षड्यंत्र की जड़ें अलग-अलग स्तर पर तैयार की गई थीं। चाँद बाग़ स्थित मुख्य वज़ीराबाद मार्ग के पास हुए दंगों की वजह से पुलिसकर्मी रतन लाल की हत्या हुई थी।

इस्लामी भीड़ ने पहले तो उन्हें ख़ूब पीटा, इसके बाद रॉड से भी मारा और अंत में गोली भी मारी। वज़ीराबाद मुख्य मार्ग में हुए दंगों के मामले में तैयार की गई रतन लाल चार्जशीट में सफूरा ज़रगर का भी नाम शामिल है। यह भी उसी तरह बड़ी साजिश का इशारा करती है जैसा चाँद बाग़ दंगों की चार्जशीट में दिखता है।

ऑपइंडिया पहले ही बता चुका है कि सीएम विरोधी दंगों के दौरान लंगर लगाने के कारण जिस व्यक्ति को ‘मसीहा’ बताया जा रहा था उसने कैसे दंगे भड़काने में अहम भूमिका निभाई थी। चार्जशीट में इस बात का उल्लेख भी है कि डीएस बिंद्रा ने दंगे भड़काने में सक्रिय भूमिका निभाई जिसके चलते रतन लाल की हत्या हुई। चार्जशीट में यह भी लिखा था कि प्रदर्शन करने वालों और षड्यंत्रकारियों को इस बात का अनुमान था कि दंगे कभी भी शुरू हो सकते हैं और उन्होंने हालात के मुताबिक़ हथियारबंद रहने के आदेश दिए।   

इसके बाद चार्जशीट में लिखा है कि 23.02.2020 को आरोपित समेत दंगों के आयोजक, साज़िशकर्ता और दंगे भड़काने वालों ने चाँद बाग़ इलाके में एक बैठक रखी थी। बैठक में उन्होंने स्थानीय लोगों को अगले दिन डंडा, लोहे की रॉड और पेट्रोल बम लेकर हथियारबंद रहने की बात कही। 24.02.2020 को दिन के लगभग 1 बजे तय योजना के मुताबिक़ दंगाई आक्रामक हुए और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस्लामी भीड़ के इस सुनियोजित हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और हेड कोंस्टेबल रतन लाल मार दिए गए थे। 

- विज्ञापन -

चार्जशीट में इस बात का भी उल्लेख है कि इलाकों में दंगा भड़काने के लिए डीएस बिंद्रा, सफूरा ज़रगर और तमाम स्थानीय मुसलमानों ने मिल कर गहरी साज़िश रची थी। चार्जशीट के अनुसार 23 और 24 तारीख़ को दंगा भड़काने वालों और दंगे की साज़िश रचने वालों के बीच एक खुफ़िया बैठक हुई थी। इस बैठक में बनाई गई योजना के बाद इस्लामी भीड़ ने दंगा भड़काया और उसकी वजह से ही रतन लाल की हत्या हुई।

चार्जशीट में मौजूद जानकारी के अनुसार भीम आर्मी के आह्वान पर चाँद बाग़ से राजघाट तक के लिए गैर क़ानूनी मार्च की शुरुआत हो चुकी थी, जिसकी योजना भी पहले ही तैयार कर ली गई थी। इस मार्च का लक्ष्य महज़ भीड़ को भड़काना था, जबकि इस मार्च के लिए इजाज़त नहीं दी गई थी।   

रतन लाल मामले की चार्जशीट

इस ग़ैरक़ानूनी मार्च में सफूरा ज़रगर, जेसीसी (जामिया कोओर्डिनेशन कमेटी) के सदस्य समेत तमाम स्थानीय षड्यंत्रकर्ता शामिल थे। इनके नाम अतहर, सुलेमान, शादाब, रवीश, सलीम खान और सलीम मुन्ना हैं। इसके अलावा भी दंगों में तमाम लोग शामिल थे। लेकिन मार्च को रोक कर उसके मूल स्थान चाँद बाग़ मज़ार तक ही सीमित कर दिया गया था।

चार्जशीट के मुताबिक़ इतना होने के बाद 23 और 24 फरवरी की देर रात चाँद बाग़ मज़ार पर दंगे भड़काने वालों और दंगे की योजना बनाने वालों के बीच गुप्त बैठक हुई थी। चार्जशीट में दी जानकारी के मुताबिक़ ‘मौके पर हुए दंगों में डीएस बिंद्रा, सलमान सिद्दीकी, सलीम खान और सलीम मुन्ना समेत कई स्थानीय दंगाई भी शामिल थे।     

मौके पर मौजूद एक गवाह जिसके बयान पर भरोसा किया गया था, वह पुलिस द्वारा दायर की गई चार्जशीट से बराबर मिलता है। मुस्लिम गवाह (पहचान सुरक्षित रखी गई है) ने घटना से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। दंगे भड़कने के ठीक एक दो दिन पहले जिस गुप्त बैठक का आयोजन किया गया था, उसके दो हफ्ते पहले इसी मुद्दे पर एक बैठक हो चुकी थी। रात के 12 बजे हुई इस बैठक में यमुना नदी के आस-पास हर उस स्थान से 2-2 लोग बुलाए गए थे जहां दंगा हो रहा था।   

रतन लाल चार्जशीट में चश्मदीद का बयान

23 फरवरी के दिन भीम आर्मी के बंद के ऐलान को समर्थन देने की प्रस्ताव भी उस दिन ही स्वीकार लिया गया था। जब कुछ लोगों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि शांति से बैठ कर आन्दोलन करने से कोई नतीजे हासिल नहीं हो रहे हैं। ‘उपासना, अतहर और शादाब ने उन्हें अनसुना कर दिया था। ’यह उल्लेखनीय है कि पुलिस की जाँच में यह बात सामने आई कि अतहर और शादाब जिनके नामों का ज़िक्र चश्मदीद ने किया था, शुरू से ही सफूरा के साथ घटनाक्रम में शामिल थे।   

एक और चश्मदीद ने कई हैरान कर देने वाली बातों का खुलासा किया। मुस्लिम चश्मदीद (नाम सुरक्षित रखा गया है) के मुताबिक़ तमाम मुस्लिम और दलित छात्र भीम आर्मी द्वारा बुलाई गई मार्च के लिए एकत्रित हुए थे जिसे बाद में पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद पुलिस ने वज़ीराबाद रोड भी पूरी तरह बंद कर दी थी। जिसके बाद वहाँ अफ़वाह फैली थी कि जाफराबाद इलाके में विरोध-प्रदर्शन के स्थान पर हिंसा हुई है।   

चश्मदीद का बयान

यह ठीक वही जगह थी जहाँ मुस्लिम औरतें, जेसीसी के सदस्य, अन्य लोग और खास कर पिंजरा तोड़ समूह के सदस्यों ने मेट्रो रोड बंद की जिसके बाद वहाँ हिंसा शुरू हो गई। चार्जशीट में यह भी बेहद स्पष्ट तौर पर लिखा है कि वह सीएए का विरोध करने वाले मुस्लिम ही थे, जिन्होंने पहले पत्थर चलाना शुरू किया। इतना ही नहीं अलग-अलग जगहों पर हिंसा भड़काने में भी उनका पूरा हाथ था। इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट ऑपइंडिया में प्रकाशित भी हो चुकी है।   

यह 23 फरवरी की जाफराबाद की कुछ तस्वीरें हैं, 

23 फरवरी 2020 को मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी
23 फरवरी 2020 को मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी
23 फरवरी 2020 को मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई पत्थरबाजी

चश्मदीद ने इसके बाद यह भी बताया कि जाफराबाद में हिंसा की घटना होने के बाद चाँद बाग़ की चौथी लेन में फिर गुप्त बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बाद कुछ लोग मंच पर गए और उन्होंने कहा ‘यही समय है उन लोगों को अपनी ताकत दिखाने का’ और डोनाल्ड ट्रंप के दौरे की वजह से पूरी दुनिया की निगाहें हम पर होंगी। 24 तारीख़ के दिन उन्हें अधिक से अधिक संख्या में आने के लिए कहा गया। फिर चश्मदीद ने कहा 24 तारीख़ को जैसे ही वह अपने घर से निकला, उसने देखा सामने सैकड़ों लोगों की भीड़ है और सभी के हाथ में रॉड, तलवार, पत्थर और डंडे जैसे हथियार थे और सब के सब हिंदुओं पर हमले के लिए तैयार थे।   

दूसरे चश्मदीद ने बताया कि गुप्त बैठक के बाद मौके पर इकट्ठा हुए मुस्लिमों से अतहर और उसके साथियों ने कहा सभी को हथियार लेकर आना है। क्योंकि यही समय है सरकार और देश को दिखाने का कि यह प्रदर्शन जारी ही रहेगा।   

रतन लाल की चार्जशीट में चश्मदीद का एक और बयान

रतन लाल की चार्जशीट में सफूरा का किरदार 

इस चार्जशीट में सफूरा का नाम कई बार सामने आया है, उस पर सबसे पहला आरोप यह है कि वह 23 फरवरी को चाँद बाग़ से राजघाट के बीच हुई गैर क़ानूनी मार्च की आयोजकों में से एक थी। साथ ही 24 फरवरी के दिन हुई बैठक में तैयार किए गए षड्यंत्रों में भी सफूरा की भूमिका अहम थी।   

आरोपित शादाब कवलप्रीत कौर (आइसा), देवांगना कलिता (पिंजरा तोड़), सफूरा, योगेन्द्र यादव सहित अन्य को अच्छे से जानता था। शादाब के बारे में चार्जशीट में लिखा है, 23 फरवरी की बैठक में इसकी योजना तैयार हुई थी कि 24 फरवरी के दिन क्या-क्या होगा। इस हरकत को अंजाम देने के लिए शादाब अपने साथियों के साथ उस दिन चाँद बाग़ में ही रुका। उसने विरोध-प्रदर्शन करने वालों को हिंसा के लिए प्रेरित किया। साथ ही ऐसी योजना तैयार कि उसके पास आन्दोलन को हिंसक बनाने के लिए हर हथियार मौजूद हो।

चार्जशीट में इस बात का भी ज़िक्र है कि पुलिस पर हमला करने के लिए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए सही मात्रा में हथियार और अन्य चीज़ें अचानक ही इकट्ठा नहीं की जा सकती हैं। 24 फरवरी 2020 के दिन चाँद बाग़ के आस-पास दंगे भड़काने की योजना पहले ही तैयार कर ली गई थी जिसके चलते जान और माल की हानि हुई। जिस तरह से डीएस बिंद्रा (एआईएमआईएम), कवलप्रीत कौर (आइसा), देवांगना कलिता (पिंजरा तोड़) के एक-दूसरे से संपर्क मिले हैं, उससे यह साफ़ हो जाता है कि इनका असल एजेंडा क्या था। जानकारी आने बाद यह भी पता चला था कि इस दौरान यह सभी लोग लगातार संपर्क में थे। इतना ही नहीं इन सभी ने अपने-अपने मोबाइल फोन में 23 से 24 फरवरी के बीच का लगभग हर डाटा हटा दिया था।   

सलमान सिद्दीकी नाम का युवक भी दंगा भड़काने वाले कुछ मुख्य लोगों में से एक था जिसकी वजह से रतन लाल की हत्या हुई थी। चार्जशीट में मौजूद कॉल रिकोर्ड्स के अनुसार सलमान इस दंगे की योजना तैयार करने वाले लोगों डीएस बिंद्रा, अतहर, रवीश, सलीम मुन्ना, सलीम खान, अयूब, इब्राहिम, सफूरा और अन्य से लगातार संपर्क में था। सफूरा का नाम चार्जशीट के कई अन्य हिस्सों में भी मौजूद है। जाँच के दौरान यह बात भी सामने आई कि दिसंबर के दौरान हुए दंगों में और फरवरी के दौरान चाँद बाग़ सहित दिल्ली के अन्य इलाकों में हुए दंगों में बराबर संबंध था। कहना गलत नहीं होगा कि जेसीसी ने शुरुआत में जिस तरह की योजना तैयार की वह उस पर ही चले और काफी हद तक कामयाब भी हुए।   

जाँच में यह बात भी सामने आई कि जेसीसी की प्रतिनिधि, सफूरा शुरू से चाँद बाग़ मज़ार के पास मौजूद थी और दंगे भडकाने में उसका अहम किरदार था। इसके बाद सफूरा को स्पेशल सेल के जाँच अधिकारी ने एफआईआर 59/20 के तहत गिरफ्तार किया था। इन तथ्यों के आधार पर यह बात साफ़ है कि जो भीड़ रतन लाल की हत्या के लिए ज़िम्मेदार थी उसे भड़काने में सफूरा जैसे लोगों की भूमिका सबसे ज्यादा रही है। इसके अलावा 24 फरवरी के दिन चाँद बाग़ में हुए दंगों की योजना तैयार करने में सफूरा का नाम शुरूआती तौर पर ही आता है। फिलहाल जाँच भले जारी है, लेकिन इतने तथ्य घटना की तस्वीर काफी हद तक साफ़ कर देते हैं।   

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Nupur J Sharma
Editor, OpIndia.com since October 2017

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

युद्ध के हालात लेकिन चीन का प्रचार, आँकड़ों से खेल और फेक न्यूज… आखिर PTI पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा प्रसार भारती

ऐसा मुद्दा जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, उस पर निर्णय लेने में देरी करना तर्क पूर्ण नहीं कहा जा सकता। जिस तरह के हालात बने, ऐसे में...

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

अर्जेंटीना: सांसद ने ऑनलाइन सत्र में गर्लफ्रेंड का स्तन चूमा, वीडियो वायरल होने पर दिया इस्तीफा

एक वीडियो वायरल होने के बाद अर्जेंटीना के 47 वर्षीय सांसद जुआन एमिलो एमिरी को संसद के निचले सदन से इस्तीफा देना पड़ा है।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

डेढ़ साल में ही दूसरी बीवी नेहा से उब गया आसिफ, खुद मारी गोली और नेहा के भाई पर मढ़ दिया मर्डर का दोष

दिल्ली से बदायूँ लाकर आसिफ ने नेहा को गोली मार दी। फिर पुलिस को बताया कि नेहा को उसके भाई ने ही गोली मारी है, क्योंकि वह शादी से खुश नहीं था।

‘फेमिनिस्ट अंडरवियर नहीं पहनती’: केरल में यूट्यूबर पर महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने मोटर ऑयल डाला

केरल में यूट्यूबर विजय पी नायर पर महिला 'एक्टिविस्ट्स' ने हमला किया। उनके चेहरे पर मोटर ऑयल डाल दिया और थप्पड़ मारे।

वो घर पर मौज कर रहा है और मुझसे हो रही पूछताछ: अनुराग कश्यप पर FIR कराने वाली पायल ने मुंबई पुलिस पर उठाए...

फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष ने मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

“मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,071FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements