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लक्ष्मी-गणेश विसर्जन जुलूस पर पथराव, मीडिया की रिपोर्टों में प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने का भी दावा… लेकिन ‘अफवाह’ बता रही है सिद्धार्थनगर पुलिस

जिले एक एडिशनल एसपी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि ऊहापोह की स्थिति जुलूस में शामिल किसी व्यक्ति के द्वारा अफवाह उड़ाने से हुई थी, जिसे सँभाल लिया गया है। वहीं, भाजपा नेता एवं डुमरियागंज से पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि वो हंगामे के असली कारणों की अपने स्तर से पड़ताल करवा रहे हैं। जो भी बात सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में सोमवार (4 नवंबर 2024) को लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी से नाराज श्रद्धालुओं ने प्रदर्शन की है। पथराव में प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हालत को काबू किया। हालाँकि, जिले के एडिशनल एसपी ने पत्थरबाजी होने से साफ इनकार किया है और किसी के भी घायल होने की खबरों को अफवाह बताया है।

हिंदुस्तान और न्यूज़ 18 के मुताबिक, घटना सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र की है। यहाँ श्रद्धालुओं ने सोमवार को भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा का विसर्जन जुलूस निकाला था। जुलूस में DJ पर धार्मिक भजन बज रहा था। थोड़ी देर में यह जुलूस मुस्लिम बहुल गाँव माली मैनहा के आगे से गुजरा। इस दौरान जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पथराव का आरोप लगाया।

कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि जुलूस में शामिल 2 महिला श्रद्धालुओं को चोटें आई हैं। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। जैसे ही यह बात जिले के सीनियर अधिकारियों को पता चली वो फ़ौरन ही भारी फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुँचे। श्रद्धालुओं को समझा-बुझाकर शांत कराया और विरोध में लगाए गए जाम को हटवाया गया। इसके बाद यह जुलूस अपने तय मार्ग से विसर्जन के लिए आगे बढ़ गया।

हालाँकि, श्रद्धालु पत्थरबाजी करने वाले आरोपितों को चिन्हित करके उन पर कार्रवाई की माँग पर अड़े हैं। इसमें एक व्यक्ति को हिरासत में लेने की बात कही जा रही है। वहीं, मीडिया के दावों के एकदम विपरीत सिद्धार्थनगर पुलिस ने पत्थरबाजी और किसी के घायल होने की खबरों को कोरी अफवाह बताया है। पुलिस का कहना है कि अफवाह उड़ाने वाले लोगों की तलाश की जा रही है।

जिले एक एडिशनल एसपी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि ऊहापोह की स्थिति जुलूस में शामिल किसी व्यक्ति के द्वारा अफवाह उड़ाने से हुई थी, जिसे सँभाल लिया गया है। वहीं, भाजपा नेता एवं डुमरियागंज से पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि वो हंगामे के असली कारणों की अपने स्तर से पड़ताल करवा रहे हैं। जो भी बात सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।

करेंट से श्रद्धालुओं की मौत पर 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

वहीं, सिद्धार्थनगर के ही एक अन्य थाना क्षेत्र शोहरतगढ़ में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने जा रहे श्रद्धालुओं का वाहन बिजली के तार की चपेट में आ गया। धनगढ़िया गाँव की इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई है, जबकि 13 अन्य लोग घायल हो गए हैं।

जिले की पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने इस घटना के बाद 2 सब इंस्पेक्टर सहित कुल 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस द्वारा विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। यह घटना शनिवार (2 नवंबर 2024) की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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