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एअर इंडिया में 100 गड़बड़ियाँ, 7 बेहद गंभीर: ऑडिट रिपोर्ट से हुई पहचान, DGCA ने सुधार के लिए 23 अगस्त तक का समय दिया

DGCA ने एअर इंडिया की ऑडिट रिपोर्ट जारी की है। इसमें विमान सुरक्षा नियमों में 100 से ज्यादा उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई है। ऑडिट में चालक दलों के आराम, कार्य अवधि और ट्रेनिंग समेत कई नियमों का जिक्र किया है।

अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद इसकी जाँच जारी है। 12 जून 2025 को हुए इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी। इस पर AAIB की शुरुआती जाँच रिपोर्ट के बाद अब कंपनी में विमान संचालन को लेकर DGCA की ऑडिट रिपोर्ट सामने आई है।

ऑडिट रिपोर्ट में 100 से ज्यादा गड़बड़ियों का जिक्र

विमानन सुरक्षा नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने अपने ऑडिट में टाटा समूह की एयरलाइंस एअर इंडिया में 100 से ज्यादा खामियाँ पाई हैं। जानकारी के मुताबिक ऑडिट रिपोर्ट में चालक दल के आराम और काम की अवधि, प्रशिक्षण, चालक दल की संख्या में कमी और उड़ान की योग्यता से संबंधित 100 से ज्यादा उल्लंघन और निष्कर्ष डीजीसीए ने अपनी रिपोर्ट में दिए हैं।

इन खामियों को 7 भागों में विभाजित किया गया है। लेवल 1 में 7 गडबड़ियाँ हैं जो सुरक्षा मानको की दृष्टि से अति गंभीर श्रेणी में आते हैं। इन गड़बड़ियों को 30 जुलाई तक ठीक करने के लिए कहा गया है। शेष 93 खामियों को सुधारने के लिए 23 अगस्त 2025 तक का समय दिया गया है। डीजीसीए की रिपोर्ट के मुताबिक, ” एअर इंडिया की संचालन प्रणाली में पायलटों के प्रशिक्षण अधूरे, ट्रेनिंग रिकॉर्ड बिखरे और रोस्टर में गड़बड़ियाँ मिली। कम विजिबिलिटी में उड़ान भरने के लिए जरूरी अनुमतियों में भी अनियमितता मिलीं।”

ऑडिट रिपोर्ट पर एअर इंडिया की प्रतिक्रिया

एअर इंडिया ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एअर इंडिया ने कहा है कि डीजीसीए की रिपोर्ट का एयरलाइन जवाब देगी और सुधार के लिए कदम उठाए जाएँगे। एअर इंडिया के मुताबिक, “सभी एयरलाइन कंपनियों में नियमित परीक्षण और उन्हें लगातार मजबूत बनाने के लिए नियमित ऑडिट की जाती है।” एअर इंडिया के मुताबिक, “हम अपना जवाब सुधारात्मक कार्रवाइयों की जानकारी देते हुए डीजीसीए के सामने तय समय में पेश करेंगे।” कंपनी ने कहा है कि 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे के बाद विमानों की नियमित जाँच की जा रही है।

गुरुग्राम सेंटर में 1-4 जुलाई तक हुआ ऑडिट

एअर इंडिया का ऑडिट 1 से 4 जुलाई के बीच गुरुग्राम सेंटर पर हुआ था। इसमें फ्लाइट के पूरे ऑपरेशन की जाँच की गई थी। डीजीसीए ने 23 जुलाई को एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस भेजा था। इसमें ऑपरेशनल प्रोसीजर मसलन चालक दल के आराम और ड्यूटी नियमों का उल्लंघन, ट्रेनिंग के नियम को लेकर सवाल पूछे गए थे।

3 अधिकारियों पर गिरी थी गाज

इससे पहले 21 जून को एअर इंडिया के 3 अधिकारियों को शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ड्यूटी से हटाने का निर्देश डीजीसीए ने एअर इंडिया को दिया था। डीजीसीए ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और घोर लापरवाही की बात कहते हुए एअर इंडिया को कड़ी फटकार लगाई थी।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक डीजीसीए ने एअर इंडिया को कहा था कि एयरबस ए 320 के पार्टस् का बदलाव तय समय पर नहीं किया गया और काम समय पर पूरा दिखाने के लिए एएओ रिकॉर्ड बदला गया। एजेंसी के मुताबिक एयरलाइन ने अपनी गलती मान ली थी। हालाँकि कहा था कि दिक्कत की जानकारी मिलते ही उसने जरूरी कदम उठा लिए थे।

AAIB की शुरुआती जाँच रिपोर्ट

AAIB ने अपनी रिपोर्ट में कॉकपिट के ऑडियो रिकॉर्ड के आधार पर बताया था कि विमान के इंजन हवा में बंद हो गए थे। दोनों इंजनों के काम नहीं करने पर विमान नीचे गिर गया। रिपोर्ट के मुताबिक MAY DAY का कॉल पायलट की तरफ से दुर्घटना के चंद सैकेंड पहले आया था, हालाँकि विमान नॉर्मल टेकऑफ की तरह की उड़ान भरा था लेकिन चंद सेकेंड के बाद ही उसमें गड़बड़ी आ गयी।

रिपोर्ट में उन तकनीकी चीजों का सिलसिलेवार तरीके से जिक्र किया गया, जो विमान के उड़ान के बाद कुछ सेकेंड में घटित हुए।

अहमदाबाद में हुआ था विमान हादसा

एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। एअर इंडिया का ये बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान कुछ सेकेंड बाद ही बी जे मेडिकल कॉलेज के होस्टल पर गिर गया। इस दुर्घटना में 260 लोग मारे गए।

मरने वालों में 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। इसके अलावा बीजी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मौजूद कई छात्रों समेत 19 अन्य लोग भी अपनी जान गँवा बैठे। इस हादसे में एक यात्री की जान बच गई। ये विमान हादसा भारत की सबसे भयानक विमान दुर्घटनाओं में एक माना जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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