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सीने में तलवार घोंप कर RSS स्वयंसेवक की हत्या, रिपोर्ट में आवा – मुंबई पुलिस के सामने ही मार डाला: आरिफ-सद्दाम ने साथियों संग मिल कर दिया घटना को अंजाम

ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर ने अरविन्द के साथ 2 पुलिस कॉन्स्टेबलों को घटनास्थल पर भेजा। आरोप है कि तब सद्दाम और जुम्मन ने अरविन्द को पुलिस के आगे ही केस वापस लेने की धमकी दी।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अरविन्द वैश्य नाम के एक युवक की हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप अल्लू, आरिफ और शेर अली व उसके कुछ अन्य साथियों पर लगा है। आरोप है कि इन तीनों ने अरविन्द को पुलिस के आगे ही मार डाला है। मृतक RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से जुड़ा बताया जा रहा है। हिन्दू संगठनों ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अब तक 1 आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। बाकी हमलावरों की तलाश में दबिश दी जा रही है। घटना रविवार (28 जुलाई, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मुंबई के धारावी इलाके की है। रविवार को यहाँ अरविन्द के भाई शैलेन्द्र वैश्य ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक, घटना रविवार शाम सवा 7 बजे के आसपास की है। तब अल्लू, आरिफ, शुभम और शेर अली का सिद्धेश नाम के व्यक्ति से किसी बात को ले कर झगड़ा हो रहा था। इन अल्लू और उसके साथी सिद्धेश और उसके पिता को पीटने लगे। इसी झगड़े में बीच-बचाव करने अरविन्द भी पहुँच गया। आरोप है कि अल्लू और उसके साथियों ने अरविन्द की भी पिटाई कर दी।

बताया जा रहा है कि अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत करने अरविन्द धारावी पुलिस स्टेशन गया। यहाँ ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर ने अरविन्द के साथ 2 पुलिस कॉन्स्टेबलों को घटनास्थल पर भेजा। आरोप है कि तब सद्दाम और जुम्मन ने अरविन्द को पुलिस के आगे ही केस वापस लेने की धमकी दी। धमकी को अनदेखा कर के अरविन्द पुलिसकर्मियों के साथ राजीव नगर स्थित वसीम के गैराज के आगे पहुँचा ही था कि अचानक उस पर हमला हो गया। हमले में अल्लू, आरिफ, सद्दाम, जुम्मन, शेर अली और शुभम शामिल बताए जा रहे हैं।

आरोप है कि हमलावरों ने दोनों पुलिस कॉन्स्टेबलों के आगे ही अरविन्द के सीने में तलवार घोंप दी। पुलिस ने अल्लू को दौड़ा कर पकड़ लिया, बाकी हमलावर फरार हो गए। घायल अरविन्द वहीं गिर कर तड़पने लगा जिसे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने अरविन्द को मृत घोषित कर दिया। विश्व हिन्दू परिषद का आरोप है कि अरविन्द की हत्या में कुल 7 हमलावर शामिल थे लेकिन पुलिस ने महज 2 आरोपितों के ही खिलाफ FIR दर्ज की है। नाराज हिन्दू संगठनों ने थाने के आगे प्रदर्शन किया और बाकी हमलावरों पर भी कार्रवाई की माँग की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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