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₹10 करोड़ का घर, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी और ED द्वारा कब्जे की माँग: बीकानेर जमीन घोटाले से जुड़ा है तार

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम न्यायाधिकरण में अर्जी दायर कर अपील की है कि वह रॉबर्ट और उनकी कंपनी (Sky Light Hospitality Pvt) के ख़िलाफ़ चल रही जाँच पर लगाई गई रोक को वापस ले।

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर ईडी का शिकंजा दोबारा कसता नजर आ रहा है। हाल ही में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के सुखदेव विहार में एक मकान के कब्जे की माँग की। जिसका स्वामित्व रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी के पास है। ईडी ने आरोप लगाया कि इस मकान का बीकानेर जमीन घोटाले वाले अपराध को अंजाम देने में सीधा संबंध है। जिसका उल्लेख ईडी ने अपनी रिपोर्ट में पहली बार साल 2019 के फरवरी महीने में किया था।

बता दें कि ताजा जानकारी के अनुसार इस मामले में ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) न्यायाधिकरण में अर्जी दायर कर अपील की है कि वह रॉबर्ट और उनकी कंपनी (Sky Light Hospitality Pvt) के ख़िलाफ़ चल रही जाँच पर लगाई गई रोक को वापस लें। जिसके संबंध में उन्होंने आदेश पिछले साल अगस्त में दिया था।

इकॉनामिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी द्वारा दायर एप्लीकेशन उन्होंने खुद देखी। जिसमें एजेंसी ने साफ कहा है कि उन्होंने संपत्ति को इसलिए कुर्क किया, ताकि आरोपित को उस संपत्ति का लाभ उठाने से रोका जा सके। इसके अलावा उस एप्लीकेशन में ये भी साफ है कि एजेंसी वाड्रा की कंपनी के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि इससे पहले एक शख्स इसके लिए उनसे सम्पर्क करने कोशिश कर चुका है।

ईडी के अनुसार बता दें सुखदेव विहार स्थित इस मकान को 10 करोड़ में खरीदा गया था। जिसमें से 4.43 करोड़ वाड्रा की कंपनी ने दिए थे। इसलिए अगर ट्रिब्यूनल अपने आदेश को वापस ले लेती है, तो ईडी अपनी बची हुई जाँच पूरी कर पाएगा। क्योंकि वाड्रा लगातार बीकानेर लैंड घोटाले में अपनी भूमिका से मना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इस मामले में ईडी का आरोप है कि संपत्ति के ख़िलाफ़ जाँच करने पर रोक लगाना पीएमएलए के प्रावधानों के ख़िलाफ़ है। उनके अनुसार ट्रिब्यूनल PMLA के अंतर्गत बनाया गया कानूनी अंग का हिस्सा है। जो नियम और कानूनों के अंतर्गत काम करने के लिए बाध्य है। लेकिन, ट्रिब्यूनल ने ‘स्कॉई लाइट हॉस्पिटेलिटी’ (रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी) को फायदा पहुँचाने के लिए जाँच पर रोक लगाई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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