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Article 370: अब इश्क़ करने पर महबूब कश्मीर छोड़ने को नहीं मजबूर, ताहिर का नहीं होगा कत्ल

उत्तर प्रदेश की कुछ ऐसी प्रेम कहानियाँ जो बताती हैं कि आर्टिकल 370 के कारण कश्मीर में प्रेम करने की कीमत या तो जान देकर या फिर वहाँ से फरार होकर चुकानी पड़ती थी।

आर्टिकल 370 के बेअसर होने के बाद जहाँ पूरे देश में खुशी का माहौल है। इस बीच, कुछ ऐसी प्रेम कहानियाँ सामने आई हैं जो बताती हैं कि आर्टिकल 370 के कारण कश्मीर में प्रेम करने की कीमत या तो जान देकर या फिर वहाँ से फरार होकर चुकानी पड़ती थी।

इन प्रेम कहानियों में एक किस्सा यूपी के बिजनौर जिले का है। जिले के नजीबाबाद के महबूब और कश्मीर की आतिका को प्यार करने के कारण कश्मीर से भागना पड़ा।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नजीबाबाद निवासी कारपेंटर महबूब 15 साल पहले जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेना के कैंप में काम करने गया था। वहाँ उसे मझगाँव निवासी कश्मीरी युवती आतिका से प्यार हो गया। जिसके बाद उसने आतिका से निकाह कर लिया।

युवती के परिजनों ने इसका विरोध किया। मजबूरन महबूब को आतिका को छोड़ नजीबाबाद भागना पड़ा। इस बीच दोनों के बीच बात होती रही। कुछ दिन बाद कश्मीर की पुलिस नजीबाबाद पहुँच गई, लेकिन वे महबूब को पकड़ने में नाकाम रहे।

करीब 6 साल पहले महबूब की अपने ससुराल वालों से बात होनी शुरू हुई। जिसके बाद हालात थोड़े सामान्य हुए। आतिका कुछ समय पहले महबूब के पास नजीबाबाद आईं और अब दोनों के 4 बच्चे हैं। जिनमें एक बेटा और तीन बेटियाँ है।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का पॉवर खत्म हो जाने से इस परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। आतिका ने भी सरकार द्वारा लिए इस फैसले पर खुशी जताई है और कहा है कि अब खौफ़ का माहौल खत्म हो जाएगा।

इसके अलावा नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बिजनौर जिले के रेहड़ निवासी ताहिर को तो कश्मीर में सायरा नाम की युवती से प्यार करने के कारण झांसा देकर मार दिया गया था। लड़की के परिजनों ने ताहिर के आतंकी हमले में मारे जाने की जानकारी उसके परिवारवालों को दी थी। लोगों का मानना है कि अगर 370 नहीं होता तो ताहिर की जान नहीं जाती।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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