Thursday, August 5, 2021
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लॉकडाउन में गरीब मजदूरों की मदद करने पर मुंबई पुलिस कर रही उत्पीड़न: पर्यावरणविद् अफरोज शाह

अफरोज शाह ने आरोप लगाया है कि तिलक नगर पुलिस द्वारा उन्हें 2 घंटे तक परेशान किया गया। उत्पीड़न से निराश शाह ने घोषणा की कि वह गरीबों की मदद करने की सभी गतिविधियों को निलंबित कर देंगे। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दुर्व्यवहार के लिए मुंबई पुलिस की निंदा की है।

कोरोना संकट के इस दौर में कई लोग जरूरतमंदों को भोजन, मास्क, सैनिटाइजर और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हैं। हालाँकि, कई जगहों पर इन “कोरोना योद्धाओं” के साथ पुलिस और कानून उस तरह का सम्मानपूर्वक व्यवहार नहीं करती है, जिसके ये हकदार होते हैं। कथित तौर पर इसी तरह की घटना प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और वकील अफरोज शाह के साथ हुई है।

अफरोज शाह दुनिया के सबसे बड़े समुद्र तट वर्सोवा बीच की सफाई को लेकर जाने जाते हैं। वे लॉकडाउन के बीच गरीबों और बेघरों की तकलीफों को दूर करने की भी गतिविधियों में भी शामिल हैं। अफरोज शाह ने ट्विटर पर मुंबई पुलिस के व्यवहार पर निराशा व्यक्त की है।

अफरोज ने प्रवासी श्रमिकों की मदद करते हुए उन्हें जूस, पानी और भोजन मुहैया कराया। साथ ही चिलचिलाती गर्मी के बीच अपने गंतव्य स्थान तक पैदल जाने वालों की कठिनाई को आंशिक रूप से कम करने के लिए उन्होंने गाड़ियों की व्यवस्था की। लेकिन शाह को मुंबई पुलिस ने प्रवासी श्रमिकों को मुंबई में उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए हिरासत में ले लिया

शाह ने आरोप लगाया है कि तिलक नगर पुलिस द्वारा उन्हें 2 घंटे तक परेशान किया गया। उत्पीड़न से निराश, शाह ने घोषणा की कि वह कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान गरीबों की मदद करने की सभी गतिविधियों को निलंबित कर देंगे।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अफरोज शाह के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए मुंबई पुलिस की निंदा की है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी इसी कड़ी निंदा करते हुए ट्वीट किया, “अफरोज शाह के साथ महाराष्ट्र पुलिस का दुर्व्यवहार बहुत गलत व निंदायोग्य। अफरोज काफी लंबे समय से लॉकडाउन में गरीबों की मदद का शानदार काम कर रहे हैं। मुम्बई की मीठी नदी और समुद्र तटों की सफाई का अद्भुत काम करते हैं। अफरोज एक कोरोना वॉरियर हैं।”

कई अन्य लोगों ने भी अफरोज शाह को हिरासत में लेने और उनको काम करने से रोकने को लेकर महाराष्ट्र सरकार के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।

गौरतलब है कि मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमितों का आँकड़ा 22,700 हो चुका है। ऐसे संकट वाले समय में मुंबई पुलिस को उन लोगों की मदद करनी चाहिए, जो नि:स्वार्थ भाव से जरूररतमंदों की सेवा में लगे हैं। मगर उस पर उन्हें परेशान करने के आरोप लग रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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