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चाँद मोहम्मद ने भूख से मरने का नाटक कर मँगवाया खाना, घर में था खूब राशन, फ्रिज में चिकन: होगी कार्रवाई

किचन में महीने भर का राशन, फ्रिज में चिकन। घर में मोटरसाइकल, गैस कनेक्शन, फ्रिज, कूलर सभी चीजें उपलब्ध, फिर भी भूख से मरने का नाटक कर सरकारी कर्मचारियों से खाना मँगवाया। ये मामला है राजस्थान के खानपुरा क्षेत्र का।

किचन में महीने भर का राशन, फ्रिज में चिकन। घर में मोटरसाइकल, गैस कनेक्शन, फ्रिज, कूलर सभी चीजें उपलब्ध, फिर भी भूख से मरने का नाटक कर सरकारी कर्मचारियों से खाना मँगवाया। ये मामला है राजस्थान के खानपुरा क्षेत्र का। यहाँ के चाँद मोहम्मद नाम के शख्स ने प्रशासन से फोन करके भूख से मरने की बात कही। फिर उसने दोबारा फोन करके कहा कि वो भूख से मर रहा है। प्रशासन खाना लेकर उसके मरने के बाद पहुँचेगी क्या?

अतिरिक्त जिला कलक्टर हीरालाल मीणा ने बताया कि प्रशासन ने उसकी बातों को गंभीरता से लिया और आनन-फानन में अधिकारी सूखी राशन सामग्री एवं तैयार भोजन के पैकेट लेकर गए। मगर वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी सन्न रह गए। चाँद मोहम्मद के घर में ना सिर्फ पर्याप्त मात्रा में आटा-चावल और अन्य सामग्रियाँ भरी हुई थी, बल्कि उसका फ्रिज भी चिकन से भरा हुआ था। इसके बावजूद उसने भूख से मरने का झूठ बोला। इसके बाद जिला प्रशासन ने चाँद के खिलाफ कानूनी कर्रवाई की बात करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

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उल्लेखनीय है कि पूरा देश इस वक्त कोरोना संकट से जूझ रहा है। दिन प्रतिदिन इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन इसको लेकर काफी मुस्तैदी से काम कर रही है। पूरे देश में लॉकडाउन जारी है, मगर किसी को भी कोई परेशानी न हो, कोई भी भूख से न मरे इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। पुलिस और सरकारी कर्मचारी इस बात को लेकर काफी सक्रिय हैं कि कोई भी शख्स खाने के लिए न तरसे। इसलिए इस तरह की किसी भी सूचना के मिलने पर वह तैयार खाना और राशन लेकर उनके पास दौड़कर पहुँचते हैं।

मगर चाँद मोहम्मद जैसे कुछ लोग मौके की नजाकत को बिल्कुल ही नहीं समझते हैं और इसका गलत फायदा उठाते हैं। इनकी वजह से जरुरतमंद लोग खाने से महरुम रह जाते हैं और 24 घंटे काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी काफी परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं। इनके जैसे लोगों की वजह से उन जरुरतमंदों तक राहत सामग्री नहीं पहुँच पाती है, जिन्हें वाकई में इनकी जरुरत है। इन जैसे लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो गरीबों से मुँह से निवाला छीनने का काम करते हैं। ये समय एक-दूसरे की मदद करने का है, परेशान करने का या फिर किसी का हक छीनने का नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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