Tuesday, July 27, 2021
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‘टिकरी सीमा पर किसानों ने मुझे लगाई आग’: मृतक का वीडियो आया सामने, किसान संगठनों ने अस्पष्ट वीडियो जारी कर बताया आत्महत्या

ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किए गए एक वीडियो में, मुकेश को अपने हमलावरों की पहचान करते हुए स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि टिकरी सीमा पर मौजूद किसानों ने उसे आग लगा दी।

किसान आंदोलन एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गया है। बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन में शामिल लोगों ने एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया। मृतक की पहचान कसार गाँव निवासी मुकेश के रुप में हुई है। आरोप है कि मुकेश ने किसान आंदोलन में शामिल कुछ लोगों के साथ आंदोलन स्थल पर ही शराब पी थी। इसके बाद मुकेश और उन लोगों में कुछ कहासुनी हो गई जिसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।

मुकेश के ऊपर तेल छिड़क कर आग लगा दी गई थी। गंभीर रूप से झुलसे मुकेश की कुछ घंटों बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। आंदोलन में ‘शहीद’ होने का नाम देकर कसार निवासी मुकेश पर तेल छिड़का गया और फिर आग लगाई गई। इससे पहले उसे शराब भी पिलाई गई थी। मृतक के परिवार का सीधे तौर पर आरोप है कि घटना के चारों आरोपित राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का हिस्सा हैं।

बलात्कार, छेड़छाड़ और अब एक व्यक्ति को जिंदा जलाए जाने के लिए कड़ी आलोचना के बाद टिकरी सीमा पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले संगठन ‘किसान एकता मोर्चा’ ने एक अस्पष्ट वीडियो जारी कर दावा किया कि मुकेश ने खुद को आग लगा ली थी। उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत कोई भी आरोप ‘भाजपा का प्रोपेगंडा’ है।

वीडियो में मुकेश जली हुई अवस्था में अँधेरे में बैठे नजर आ रहे हैं। गंभीर रूप से जलाए जाने के दौरान, एक किसान को उनसे पूछताछ करते हुए सुना जाता है कि उन्हें किसने आग लगाई थी। काफी उकसाने के बाद, मुकेश दर्द से कराहते हुए कहते हैं कि उन्होंने खुद को आग लगा ली क्योंकि वह अपने पारिवारिक समस्याओं से थक गए थे।

हालाँकि ‘किसान’ इस वीडियो का इस्तेमाल खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए कर रहे हैं, मगर इसके अलावा एक और वीडियो है, जिसमें जहाँ मुकेश अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी मृत्यु से पहले बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किया गया। ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किए गए इस वीडियो में, मुकेश को अपने हमलावरों की पहचान करते हुए स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि टिकरी सीमा पर मौजूद किसानों ने उसे आग लगा दी।

इस वीडियो में मुकेश साफ-साफ कह रहे हैं कि टिकरी बॉर्डर पर किसानों ने खासकर सफेद कुर्ते में एक शख्स ने उन्हें आग लगा दी। पुलिस अधिकारी उससे विशेष रूप से पूछता है कि क्या उसने खुद को आग लगाई या उसे आग लगाने वाले किसान थे। इस पर वह साफ कहते हैं कि उन्होंने खुद को आग नहीं लगाई, किसानों ने उन्हें आग लगा दी। 

घटना के अनुसार सुबह साढ़े तीन बजे मुकेश को जिंदा जला दिया गया। अगर हम किसान एकता मोर्चा द्वारा डाले गए वीडियो को देखें, तो इसका मतलब है कि आग लगने के ठीक बाद कुछ लोग उससे पूछताछ कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ये वही लोग थे, जिन्होंने आग लगाई थी।

ऐसा लगता है कि मुकेश दर्द के कारण बेहोश था और डर भी रहा था, क्योंकि जलाने वालों को बचाने वाले लोग उससे पूछताछ कर रहे थे। ऐसे समय में मुकेश के दिमाग में एक ही चीज चल रही होगी कि वह किसी तरह वहाँ से निकल जाए और जिंदा बच जाए।

ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किया गया दूसरा वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि इससे पहले कि वह अपनी चोटों के कारण मर जाता, मुकेश ने बताय था कि उसे टिकरी सीमा पर मौजूद किसान ने जला दिया था।

टिकरी बॉर्डर पर आदमी को जिंदा जलाया

घटना हरियाणा के बहादुरगढ़ के पास कसार गाँव की है। गुरुवार (जून 17, 2021) तड़के तीन बजे सीमा पर प्रदर्शन कर रहे ‘किसानों’ ने मुकेश पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

मदन लाल नाम के एक व्यक्ति की पुलिस शिकायत के अनुसार, बुधवार (जून 16, 2021) को शाम करीब 5 बजे मुकेश बाहर गया था और प्रदर्शनकारी किसानों के स्थल पर पहुँचा था। मदन लाल को बाद में पता चला कि मुकेश को आग लगा दी गई है। वह सरपंच टोनी कुमार के साथ मौके पर पहुँचे तो देखा कि मुकेश बुरी तरह झुलस गया है।

किसान धरना स्थल क्राइम हॉट स्पॉट बन गया है

यह पहली बार नहीं है कि राष्ट्रीय राजधानी के आसपास की सीमाओं के साथ ‘किसान’ विरोध स्थल से इस तरह की अपराध की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ‘किसान आंदोलन’ स्थल हाल ही में अपराध का केंद्र बन गया है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में साइट से बलात्कार, हत्या के कई आरोप सामने आए हैं।

गौरतलब है कि अप्रैल में, दिल्ली में टिकरी सीमा के पास कसार गाँव के पास एक साथी किसान प्रदर्शनकारी द्वारा 26 वर्षीय कृषि-विरोधी कानून प्रदर्शनकारी की हत्या कर दी गई थी। पीड़ित की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई थी, जो टिकरी सीमा पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहा था। सिंह की हत्या एक साथी प्रदर्शनकारी रणबीर सिंह उर्फ ​​सत्ता सिंह ने पैसे के विवाद को लेकर की थी।

इसी तरह, 25 मार्च को हाकम सिंह नाम के एक 60 वर्षीय किसान का गला कटा हुआ पाया गया था। पुलिस के अनुसार, सिंह की हत्या ‘तेज धार वाले हथियार’ से की गई थी। उनका शव टिकरी सीमा पर नए बस स्टैंड के पीछे एक खेत में अन्य कृषि विरोधी कानून प्रदर्शनकारियों द्वारा खोजा गया था। रेप की घटनाएँ भी सामने आ चुकी हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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