Homeदेश-समाज'आंदोलन ख़त्म करने को कहा तो हम अपनी फसल जला देंगे': राकेश टिकैत ने...

‘आंदोलन ख़त्म करने को कहा तो हम अपनी फसल जला देंगे’: राकेश टिकैत ने मोदी सरकार को दी धमकी

“हम अपनी फसलों को जला देंगे लेकिन वापस नहीं जाएँगे। सरकार यह न सोचे कि विरोध दो महीने में खत्म हो जाएगा। हम फसल कटाई के साथ-साथ विरोध करेंगे। फसलों की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। जरूरत पड़ी तो हम अपने ट्रैक्टरों को पश्चिम बंगाल में भी ले जाएँगे। किसानों को वहाँ भी एमएसपी नहीं मिल रही है।”

‘किसान’ नेता राकेश टिकैत ने आज हरियाणा के पुनिया में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी सरकार को धमकी दी कि यदि सरकार किसानों के विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने पर जोर देती है, तो किसान खड़ी फसलों को आग लगा देंगे।

हरियाणा के खरक पूनिया में आयोजित महापंचायत में टिकैत ने कहा कि केंद्र न सोचे कि किसान फसल की कटाई के लिए वापस चले जाएँगे और आंदोलन खत्म हो जाएगा। टिकैत ने कहा, “हम अपनी फसलों को जला देंगे लेकिन वापस नहीं जाएँगे। सरकार यह न सोचे कि विरोध दो महीने में खत्म हो जाएगा। हम फसल कटाई के साथ-साथ विरोध करेंगे। फसलों की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। जरूरत पड़ी तो हम अपने ट्रैक्टरों को पश्चिम बंगाल में भी ले जाएँगे। किसानों को वहाँ भी एमएसपी नहीं मिल रही है।”

खरकपुनिया गाँव में राकेश टिकैत ने किसानों से आह्वान किया कि उन्हें एक फसल की कुर्बानी देनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है फसल की कटाई का समय आ गया है, इसलिए किसान वापस गाँव चले जाएँगे, लेकिन किसान फसल की कुर्बानी देने को तैयार रहें। किसानों ने भी हाथ उठाकर टिकैत की बात का समर्थन किया। 

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। उन्होंने कहा कि कानून वापसी तक किसान कहीं जाने वाला नहीं है। कानून वापसी से ही किसानों की घर वापसी संभव है। इसके साथ ही सरकार को एमएसपी पर कानून भी लाना होगा।

टिकैत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उनका अगला लक्ष्य 40 लाख ट्रैक्टरों का है, देशभर में जाकर 40 लाख ट्रैक्टर इकट्ठा करेंगे। ज्यादा समस्या की तो ये ट्रैक्टर भी वहीं हैं, ये किसान भी वही हैं, ये फिर दिल्ली जाएँगे। इस बार हल क्रांति होगी, जो खेत में औजार इस्तेमाल होते हैं, वे सब जाएँगे। 

विरोध करने वाले किसानों ने 26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान रैली हिंसक हो गई। दंगाइयों ने पुलिस पर तलवार से हमला किया। दंगाई किसानों ने लाल किले पर निशान साहिब सहित, खालिस्तानी झंडे भी फरहराए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -