Monday, April 12, 2021
Home देश-समाज महाराष्ट्र के धुले से लेकर यूपी के कानपुर तक, किसान ऐसे कर रहे हैं...

महाराष्ट्र के धुले से लेकर यूपी के कानपुर तक, किसान ऐसे कर रहे हैं कृषि बिलों का समर्थन

“हम सरकार के इस विधेयक का स्वागत करते हैं। लेकिन सरकार को किसानों के बारे में और सोचने की ज़रूरत है। सरकार का प्रयास होना चाहिए कि खरीद की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका ख़त्म हो जाए। सरकार को आने वाले समय में यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसान आत्महत्या जैसे कदम न उठाए।”

कृषि सुधार बिलों पर कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम का प्रोपेगेंडा छिपा नहीं है। किसानों के नाम पर सड़क से संसद तक हंगामा करने की कोशिशों के बीच इस बिल करे अलग-अलग हिस्सों के कृषकों का समर्थन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर से लेकर महाराष्ट्र के धुले तक, किसानों का स्पष्ट तौर पर कहना है कि वे सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं। 

उत्तर प्रदेश स्थित कानपुर के एक किसान ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए इस मुद्दे पर अपना विचार रखा। उन्होंने कहा, “हम सरकार के इस विधेयक का स्वागत करते हैं। लेकिन सरकार को किसानों के बारे में और सोचने की ज़रूरत है। बेशक सरकार का यह कदम किसानों के हित के लिए ही उठाया गया है और हम इसके लिए सरकार का समर्थन करते हैं। सरकार का प्रयास होना चाहिए कि खरीद की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका ख़त्म हो जाए। इसके अलावा सरकार को आने वाले समय में यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसान आत्महत्या जैसे कदम न उठाए।”

इसके बाद किसान ने कहा, “फ़िलहाल जिस तरह के हालात हैं उसमें आधे से ज़्यादा मुनाफ़ा बिचौलियों को होता है। हम उम्मीद करते हैं कि कृषि सुधार विधेयक की मदद से इसे रोकने में मदद मिलेगी। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि अगर ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगती है तो आने वाले पीढ़ियाँ इस पेशे में आगे नहीं बढ़ेंगी। इसके लिए यह बेहद ज़रूरी है कि सरकार के बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो। हमारा सरकार से एक और निवेदन है कि किसानों को कम से कम उनकी लागत का भुगतान किया जाए।” 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अलावा महाराष्ट्र के धुले जिले में भी किसानों ने इस विधेयक का स्वागत किया। उनका कहना है कि हम सरकार के इस विधेयक को स्वीकार करते हैं, लेकिन सरकार को कई बातें सुनिश्चित करनी होंगी। जिसमें सबसे अहम है कि किसानों की आत्महत्या का आँकड़ा कम से कम किया जाए। यह पूरी तरह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि अन्नदाता को ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफ़ा हो और उन्हें सशक्त बनाया जाए।    

रविवार (सितंबर 20, 2020) को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को उच्च सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया था

विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधार संबंधी विधेयकों को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया था। उन्होंने कहा था, “भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूँ। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा, बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे।”

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा था, “मैं पहले भी कहा चुका हूँ और एक बार फिर कहता हूँ: MSP की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहाँ अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। हम अन्नदाताओं की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

‘भारत को इस्लामी मुल्क बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे सभी मुस्लिम, अब घोषित हो हिंदू राष्ट्र’: केरल के 7 बार के MLA ने...

"भारत को तुरंत 'हिन्दू राष्ट्र' घोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि मुस्लिम समाज 2030 तक इसे इस्लामी मुल्क बनाने के काम पर लगा हुआ है।"

महादेव की नगरी काशी बनेगी विश्‍व की सबसे बड़ी संस्‍कृत नगरी: CM योगी की बड़ी पहल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद देवलोक व महादेव की धर्मनगरी कही जाने वाली काशी अब विश्व में संस्कृत नगरी के रूप में जानी जाएगी।

‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए साथ आए फ्लिपकार्ट और अडानी: लिबरल गिरोह को लगी मिर्ची, कहा- Flipkart का करेंगे बहिष्कार

इससे लघु, मध्यम उद्योग और हजारों विक्रेताओं को मदद मिलेगी। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। फ्लिपकार्ट का सप्लाई चेन इंस्फ्रास्ट्रक्टर मजबूत होगा। ग्राहकों तक पहुँच आसान होगी।

SHO अश्विनी की हत्या के लिए मस्जिद से जुटाई गई थी भीड़: बेटी की CBI जाँच की माँग, पत्नी ने कहा- सर्किल इंस्पेक्टर पर...

बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार को पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में उनकी बेटी ने इसे षड़यंत्र करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की है। वहीं उनकी पत्नी ने सर्किल इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की माँग की है।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

SHO बेटे का शव देख माँ ने तोड़ा दम, बंगाल में पीट-पीटकर कर दी गई थी हत्या: आलम सहित 3 गिरफ्तार, 7 पुलिसकर्मी भी...

बिहार पुलिस के अधिकारी अश्विनी कुमार का शव देख उनकी माँ ने भी दम तोड़ दिया। SHO की पश्चिम बंगाल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

जुमे की नमाज के बाद हिफाजत-ए-इस्लाम के कट्टरपंथियों ने हिंसा के लिए उकसाया: हमले में 12 घायल

मस्जिद के इमाम ने बताया कि उग्र लोगों ने जुमे की नमाज के बाद उनसे माइक छीना और नमाजियों को बाहर जाकर हिंसा का समर्थन करने को कहने लगे। इसी बीच नमाजियों ने उन्हें रोका तो सभी हमलावरों ने हमला बोल दिया।

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

‘ASI वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएँगे, आप मारे जाओगे’: काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को धमकी

ज्ञानवापी केस में काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले का नाम यासीन बताया जा रहा।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,162FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe