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‘येशु पर विश्वास करो, वो सब कुछ ठीक कर देंगे’: बिहार में 2 महिलाओं समेत 5 हिरासत में, गरीब परिवारों को बना रहे थे ईसाई

ये ईसाई मजहब के प्रोपेगंडा के लिए पुस्तकें भी लेकर आए थे, जिनकी पंक्तियाँ पढ़-पढ़ कर लोगों को सुना रहे थे। ये लोगों को कह रहे थे कि जीसस क्राइस्ट पर विश्वास करो और वो सब कुछ अच्छा कर देंगे।

बिहार के सासाराम में पुलिस ने ईसाई धर्मांतरण कराने के मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं। ये घटना लश्करीगंज मोहल्ले में हुई है, जहाँ स्थानीय लोगों ने ही इन पाँचों को पकड़ के पुलिस के हवाले कर दिया। इनमें तीन युवक भी शामिल हैं। ये खुद को नेपाल का रहने वाला बता रहे हैं। इनका कहना है कि ये धर्म-प्रचार के लिए आए थे। नगर थाने में इनसे पूछताछ की जा रही है।

इस मामले में स्थानीय लोगों ने ही पुलिस को आवेदन देकर केस दर्ज करने व कार्रवाई की माँग की है। पुलिस मामले की छानबीन में लगी हुई है। बताया जा रहा है कि ईसाई धर्म का प्रचार करने आए ये पाँचों खुद धर्मांतरित हैं। लश्करीगंज की एक महिला ने बताया कि ये पाँचों घूम रहे थे और निवास स्थान पूछने पर कभी नेपाल तो कभी दार्जिलिंग बता रहे थे, तभी लोगों को संदेह हुआ। मोहल्ले में ही वो सोनम नाम की एक युवती से दोस्ती भी करना चाह रहे थे।

ये ईसाई मजहब के प्रोपेगंडा के लिए पुस्तकें भी लेकर आए थे, जिनकी पंक्तियाँ पढ़-पढ़ कर लोगों को सुना रहे थे। ये लोगों को कह रहे थे कि जीसस क्राइस्ट पर विश्वास करो और वो सब कुछ अच्छा कर देंगे। बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वहाँ इन हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता जमा हो गए। उन्होंने पुलिस को बुला कर इन्हें उसके हवाले कर दिया। फिर पुलिस इन्हें नगर थाने ले गई।

नगर थानाध्यक्ष कामाख्या नारायण सिंह ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और मामला काफी संवेदनशील होने के कारण बारीकी से जाँच की जा रही है। बताया जा रहा है कि पाँचों गरीब परिवारों को निशाना बना रहे थे। सीधी-सादी महिलाएँ इनके टारगेट पर थीं। विहिप के रोहतास महामंत्री अरुण काश्तकार ने कहा कि मामला पुलिस के पास है और वो ज़रूरी कार्रवाई करेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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