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असम में 2000 गाँव जलमग्न, 23 जिलों के 9.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित: अमित शाह ने की स्थिति की समीक्षा

किसानों पर बाढ़ से सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कुल 68,000 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो चुकी है। बारपेटा जिले में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अकेले 1.35 लाख बाढ़ प्रभावित इसी जिले में हैं। असम के 8 जिलों में एनडीआरएफ की टीमों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है।

असम में बाढ़ से हालात बिगड़ने के बाद ख़ुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति सुधारने के लिए बागडोर संभाली है। धीमाजी और उदालगिरी जिलों में रविवार (जून 28, 2020) को भूस्खलन में एक कॉलेज छात्र के ज़िंदा ज़मीन में दफ़न होने के बाद बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या राज्य में 43 तक पहुँच गई है।

अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल को फोन कॉल कर बाढ़ से बिगड़ी स्थिति की समीक्षा की। अमित शाह को सोनवाल ने बताया कि असम में बाढ़ से निपटने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गई हैं और आगे क्या क़दम उठाए जाने वाले हैं।

अमित शाह ने उनसे पूछा कि बाढ़ राहत कैम्पों में कोरोना वायरस से संक्रमण से बचाव के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूर्ण सहायता देने का आश्वासन दिया। असम के 33 में से 23 जिलों में 9.26 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

अब तक लगभग 2000 गाँवों में बाढ़ का प्रभाव काफी बढ़ जाने की बात सामने आई है। ब्रह्मपुत्र नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण फ़िलहाल स्थिति में सुधार आने की सम्भावना कम ही है।

असम में 133 राहत कैम्प स्थापित किए गए हैं और साथ ही उनमें 27,000 ऐसे लोगों को रखा गया है जो बाढ़ के कारण बेघर हो गए हैं। मई 22 से लेकर अब तक 21 लोगों की बाढ़ से मौत होने की सूचना है।

एक तीन साल के बच्चे की बाढ़ में बहने के कारण मौत हो गई। बारपेटा जिले में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अकेले 1.35 लाख बाढ़ प्रभावित इसी जिले में हैं। इस जिले के 395 गाँव बाढ़ में डूब चुके हैं। असम के 8 जिलों में एनडीआरएफ की टीमों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है। अकेले रविवार को 8 जिलों में 9000 लोगों को बचाया गया। केंद्र सरकार योजना बना रही है कि आगे किस तरह असम सरकार की मदद की जाए।

किसानों पर बाढ़ से सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कुल 68,000 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो चुकी है। अमित शाह ने राज्य के मंत्री हेमंत विश्व शर्मा से भी बातचीत की, जो बाढ़ से निपटने की तैयारियों में लगातार लगे हुए हैं। राज्य में कोरोना वायरस की समस्या भी बढ़ती जा रही है, ऐसे में सरकार के पास सोशल डिस्टनिंग को मेंटेन करने की भी चुनौती है। राज्य में फिलहाल कोरोना के 2400 सक्रिय मामले हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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