Homeदेश-समाजअल्लाह के हुक्म से 'पैगंबर' बना अब्दुल रज्जाक, बनवाई काबा मस्जिद: 'हज का शबाब'...

अल्लाह के हुक्म से ‘पैगंबर’ बना अब्दुल रज्जाक, बनवाई काबा मस्जिद: ‘हज का शबाब’ लेने आती थीं मुस्लिम महिलाएँ, लोगों ने गैर-इस्लामिक बता लगा दी आग

अब्दुल रज्जाक खुद को पैगंबर तक बताने लगा था। उसने दावा किया था कि अल्लाह ने उसे बारामूला में ही खानकाह ए काबा बनवाने का हुक्म दिया है। काबा वही मस्जिद है जहाँ हर साल करोड़ों मुस्लिम हज और उमरा के लिए जानते हैं।

जम्मू कश्मीर के बारामूला में एक ढोंगी पीर पकड़ा गया है। उसने जम्मू कश्मीर में ही सऊदी अरब की काबा मस्जिद जैसी एक इमारत बनवा ली थी। वह खुद को पैगम्बर के रूप में दिखाता था। उसने अपने खेत में एक इमारत बनवा रखी थी जहाँ वह गाँजा-चरस पीता था। उसकी मुरीदों में महिलाओं की बड़ी संख्या थी।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बारामूला से अब्दुल रज्जाक नाम के शख्स को पकड़ा है। अब्दुल रज्जाक खुद को जम्मू कश्मीर के सूफी संत नूरदीन नूरानी का अवतार बताता था। अब्दुल रज्जाक ने यही करके बड़ी संख्या में अपने मुरीद इकट्ठा कर लिए थे। उससे मिलने बड़ी संख्या में महिलाएँ भी आती थीं।

उसने अपने खेत में एक झोपड़ी भी बना ली थी। यहाँ वह लोगों को ताबीज बना कर देता था। वह यहाँ आए लोगों को चरस गांजा पिलाता था और खुद भी पीता था। आसपास के लोगों ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया है। उसकी बीवी तक उसे छोड़ कर चली गई थी।

अब्दुल रज्जाक खुद को पैगंबर तक बताने लगा था। उसने दावा किया था कि अल्लाह ने उसे बारामूला में ही काबा जैसी मस्जिद बनवाने का हुक्म दिया है। काबा वही मस्जिद है जहाँ हर साल करोड़ों मुस्लिम हज और उमरा के लिए जानते हैं। अब्दुल रज्जाक बताता था कि वह डुप्लीकेट काबा मस्जिद गरीबों के लिए बनवा रहा है, जो सऊदी अरब नहीं पहुँच पाते।

उसने इसका निर्माण चालू भी कर दिया था। कुछ ही दिनों में वह इसका उद्घाटन करने वाला था। हालाँकि, इसी बीच इस पूरे कारनामे की खबर किसी ने स्थानीय पत्रकारों को दे दी। वह उसके यहाँ उसके मुरीद बन कर गए और उसकी हरकतों के बारे में जानकारी हासिल की।

इस कथित पैगंबर का उन्होंने वीडियो भी बना लिया और उसकी सच्चाई सोशल मीडिया पर डाल दी। वीडियो वायरल होने पर उसके बारे में लोग जान गए और फिर पुलिस को भी यह सूचना दी गई। उसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी फर्जी काबा मस्जिद भी लोगों ने ध्वस्त कर दी और आग लगा दी। इसके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

इस मस्जिद को कश्मीर के एक मौलाना ने गैर इस्लामी बताया और कहा कि शरिया में इसकी कोई जगह नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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