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खाना माँगने आई 8 साल की नाबालिग का सेक्सुअल मोलेस्टेशन: मोहम्मद नूह (75) और अब्दुल जफर (68) सहित 6 गिरफ़्तार

कन्याकुमारी एसपी कार्यालय ने ऑपइंडिया को बताया कि 8 वर्षीय लड़की का गैंगरेप नहीं किया गया है, उसका सेक्सुअल मोलेस्टेशन किया है। सामूहिक बलात्कार की बात को पुलिस ने नकार दिया है। पुलिस ने लड़की के साथ यौन दुर्व्यवहार करने वाले सभी आरोपितों के खिलाफ "लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012" (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

तमिलनाडु में सेक्सुअल मोलेस्टेशन की एक घटना में 6 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। इनमें दो नाबालिग हैं। इन पर 8 साल की एक लड़की से सेक्सुअल मोलेस्टेशन का आरोप है। नाबालिग पीड़िता भूखी थी और अपने पड़ोस में खाना माँगने गई थी, जहाँ उसके साथ बलात्कार किया गया।

घटना कन्याकुमारी स्थित नागरकोविल की है। सोशल मीडिया पर इस घटना के सामने आने के बाद लोग काफी आक्रोशित हैं। आरोपितों में 75 वर्षीय मोहम्मद नूह, 68 वर्षीय अब्दुल ज़फर, 53 वर्षीय ज़ाफर हुसैन और 52 वर्षीय जहदसान शामिल है।

‘मातृभूमि’ की ख़बर के अनुसार, नाबालिग लड़की की माँ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिससे परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके पिता की भी नौकरी चली गई है, जिस कारण आर्थिक रूप से भी परिवार की स्थिति दयनीय हो गई है।

इसी दौरान उक्त लड़की पड़ोस में भोजन के लिए आई थी, जहाँ उसका सेक्सुअल मोलेस्टेशन किया गया। जाँच में पता चला है कि आरोपित पीड़िता को काफ़ी पहले से ही प्रताड़ित कर रहे थे और इनकी बुरी नज़र उस पर थी।

लड़की ने दो दिनों पहले अपने पिता को बताया था कि कुछ लोग उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार कर रहे हैं, जिससे उसे दर्द हो रहा है। जब उसके पिता ने पड़ताल की तो पता चला कि उसके साथ कई दिनों से दुर्व्यवहार किया जा रहा था। इस मामले में जिला एसपी और कुलाचल महिला पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है। नाबालिग आरोपितों को तिरुनेलवेली बाल सुधार गृह में रखा गया है। एसपी मामले की जाँच कर रहे हैं। हाल ही में केरल में एक महिला के साथ उसके 5 साल के बच्चे के सामने गैंगरेप की घटना सामने आई थी।

कन्याकुमारी एसपी कार्यालय ने ऑपइंडिया को बताया कि 8 वर्षीय लड़की का गैंगरेप नहीं किया गया है, उसका सेक्सुअल मोलेस्टेशन किया है। सामूहिक बलात्कार की बात को पुलिस ने नकार दिया है। पुलिस ने लड़की के साथ यौन दुर्व्यवहार करने वाले सभी आरोपितों के खिलाफ “लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012” (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी है कि पीड़िता के बयान का वीडियो अगर किसी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया तो उसके खिलाफ भी इसी एक्ट के तहत एक्शन लिया जाएगा।

अपडेट: यह स्टोरी नवीनतम सूचनाओं के आधार पर आज (जून 9, 2020) अपडेट की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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