Homeदेश-समाजब्लैक फंगस की दवा जीएसटी फ्री, वैक्सीन पर 5 फीसदी टैक्स, सितंबर तक मिलती...

ब्लैक फंगस की दवा जीएसटी फ्री, वैक्सीन पर 5 फीसदी टैक्स, सितंबर तक मिलती रहेगी छूट: वित्तमंत्री ने की कई घोषणाएँ

वित्त मंत्री ने कहा कि बिजली की भट्टियों और टेम्परेचर चेक करने वाले उपकरणों पर से जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी और एम्बुलेंस पर से जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। ये दरें सितंबर तक मान्य रहेंगी।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार (12 जून 2021) को बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘एम्फोटेरेसिन बी’ को जीएसटी फ्री करने की मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा, ‘टोसिलिजुमैब’ दवा पर से भी जीएसटी हटाया गया है। कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली रेमडेसिविर दवा पर से जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 44वीं बैठक में ये फैसले लिए गए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई काउंसिल की बैठक में बताया कि केंद्र सरकार 75 फीसदी वैक्सीन खरीद रही है और उस पर जीएसटी भी भर रही है। लोगों को सरकारी अस्पतालों में फ्री में लगने वाली वैक्सीन का जनता पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री ने जीएसटी से होने वाली आय का 70 फीसदी राज्यों के साथ शेयर करने की बात कही है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बिजली की भट्टियों और टेम्परेचर चेक करने वाले उपकरणों पर से जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी और एम्बुलेंस पर से जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। ये दरें सितंबर तक मान्य रहेंगी।

इसके अलावा मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन पर से 12 से घटाकर 5 फीसदी, वेंटिलेटर, मास्क और हेलमेट में भी जीएसटी को 12 से घटाकर 5% कर दिया गया है। सैनिटाइजर पर से भी जीएसटी को 18 फीसदी से घटकार 5 प्रतिशत किया गया है। हाई फ्लो नेजल कैनुला से 12 से घटाकर 5 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है।

यहाँ लिस्ट दी गई है जिनमें छूट दी गई है।

जीएसटी काउंसिल द्वारा दी गई छूट की लिस्ट
जीएसटी काउंसिल द्वारा दी गई छूट की लिस्ट

वित्तमंत्री के साथ इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर समेत वित्त मंत्रालय के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -