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मोइनुद्दीन ने ‘अब्बू के उकसाने पर’ गुजरात में हिंदू पिता-पुत्र को मारा चाकू, एक ही समुदाय के लोगों को बार-बार बना रहा निशाना: मीडिया ने बताया ‘मानसिक रूप से अस्थिर’, जानें- पीड़ित ने क्या कहा

पीड़ित का कहना है कि अगर मोइनुद्दीन सच में मानसिक रूप से अस्थिर होता, तो वह अपने ही घर में चाकू से हमला करता या अपने आसपास रहने वाले अन्य मुसलमानों पर भी हमला करता लेकिन ऐसा नहीं है। उसके हमले सिर्फ हिंदू रावल समुदाय के लोगों पर ही हो रहे हैं।

गुजरात के आणंद जिले के खंभात शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ मोइनुद्दीन नाम के एक शख्स एक हिंदू पिता और बेटे पर चाकू से हमला कर दिया गया। मीडिया के एक हिस्से में आरोपित को ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ बताया जा रहा है लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और जानबूझकर सिर्फ एक ही समुदाय को निशाना बना रहा है। पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि आरोपित के पिता ने पुलिस के सामने धमकी भरे अंदाज में कहा कि ‘जो करना है कर लो’ और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

इस मामले में खंभात सिटी पुलिस ने आरोपित के अब्बा सज्जादहुसैन अकबरहुसैन सैयद, भाई मोहम्मद सोहेब सज्जादहुसैन सैयद और अम्मी तेजबीबानिशा सज्जादहुसैन सैयद के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ऑपइंडिया के पास इस FIR की कॉपी मौजूद है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ BNS की धाराएँ 125(A), 125(B), 352, 351(3), 54 और गुजरात पुलिस ऐक्ट की धारा 135 के तहत केस दर्ज किया है।

यह घटना रविवार (21 दिसंबर 2025) को खंभात के पीठ बाजार इलाके में हुई। शिकायतकर्ता निहाल रावल की इस इलाके में ‘चामुंडा जनरल स्टोर’ नाम से दुकान है। FIR के मुताबिक, 21 दिसंबर की सुबह निहाल रावल अपनी दुकान पर अपने पिता संजयभाई के साथ बैठे हुए बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान नकरटनी पोल इलाके का रहने वाला मोइनुद्दीन सैयद हाथ में चाकू लेकर दुकान में घुस आया और गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि इस दौरान उसने चिल्लाकर कहा, “मेरे अब्बू सज्जाद हुसैन ने कहा है कि दो-तीन रावल को मारकर आओ।”

इसके बाद आरोपित ने निहाल पर चाकू से हमला करने की कोशिश की लेकिन निहाल ने दुकान का काउंटर आगे कर दिया जिससे वह बच गया। हालाँकि, आरोपित ने दोबारा हमला करने की कोशिश की। इस बार निहाल के पिता संजयभाई ने बीच में आकर कुर्सी आगे की लेकिन इसके बावजूद उनके बाएँ हाथ पर चाकू लग गया और खून बहने लगा। घटना के बाद मौके पर लोग इकट्ठा हो गए और मोइनुद्दीन को पकड़कर उसके घर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपित के अब्बू, भाई और अम्मी ने पीड़ित परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। पुलिस ने पूरे मामले में FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पीड़ित को दी जान से मारने की धमकी

पीड़ित निहाल रावल ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया कि जब वह थाने में मौजूद थे और पुलिस के सामने पूरी घटना की जानकारी दे रहे थे, उसी दौरान आरोपित के पिता ने उन्हें खुलेआम धमकाया। निहाल के अनुसार, आरोपी के पिता ने कहा, “मेरा बेटा पागल है, वह घर से चाकू लेकर निकला था। मेरा बेटा हर जगह घूमेगा, जो करना है कर लो।” उसने यह भी धमकी दी, “अगर तुमने मोइनुद्दीन के खिलाफ कोई शिकायत की तो मैं तुम्हें जान से मार दूँगा।” इन सभी बातों की पुष्टि FIR में हुई है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि मोइनुद्दीन ने पहले खंभात के रहने वाले कमलेश रावल, अनिल रावल और गोपालभाई रावल पर हमला किया था। उसने बार-बार रावल समुदाय के लोगों को ही निशाना बनाया और हमला किया। कहा जाता है कि उसने करीब 6 बार अलग-अलग लोगों पर हमला किया और यह भी सच है कि सभी पीड़ित रावल समुदाय से थे।

मीडिया ने आरोपित को बताया ‘मानसिक रूप से अस्थिर’

इस पूरे घटनाक्रम में मीडिया की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स, वीडियो और अन्य संदर्भों में आरोपी मोइनुद्दीन को लगातार ‘मानसिक रूप से अस्थिर‘ बताया जा रहा है। वहीं, शिकायतकर्ता नेहल ने ‘ऑपइंडिया’ से बातचीत में कहा है कि मोइनुद्दीन पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ है और जो कुछ भी कर रहा है, जानबूझकर और सोच-समझकर कर रहा है।

नेहल का तर्क है कि अगर मोइनुद्दीन सच में मानसिक रूप से अस्थिर होता, तो वह अपने ही घर में चाकू से हमला करता या अपने आसपास रहने वाले अन्य मुसलमानों पर भी हमला करता लेकिन ऐसा नहीं है। उसके हमले सिर्फ हिंदू रावल समुदाय के लोगों पर ही हो रहे हैं। नेहल ने मीडिया से सवाल करते हुए कहा कि आमतौर पर मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति बिना भेदभाव के सभी पर हमला करता है, यहाँ तक कि अपने परिवार वालों पर भी। फिर ऐसा क्यों है कि मोइनुद्दीन ऐसा नहीं कर रहा?

आगे बात करते हुए नेहल ने कहा कि मोइनुद्दीन का चलना, बोलना और व्यवहार पूरी तरह सामान्य है लेकिन इसके बावजूद उसे ‘पागल’ या ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस मोइनुद्दीन के कथित ‘मानसिक अस्थिरता’ से जुड़े सर्टिफिकेट की जाँच कर रही है और अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौर करने वाली बात यह भी है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी ‘वर्ग विशेष’ के आरोपी को मीडिया द्वारा ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ बताया गया हो। बीते कई वर्षों से ऐसे कई मामलों में, जहाँ पीड़ित हिंदू और आरोपी मुस्लिम रहा है। मीडिया ने आरोपित को बचाने के लिए उसे मानसिक रूप से अस्थिर बताने की कोशिश की है। नेहल का कहना है कि इस मामले में भी वही पैटर्न दोहराया जा रहा है।

(यह खबर मूल रूप से गुजराती में भार्गव राज्यगुरु ने लिखी है जिसे इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।)

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ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
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