Sunday, July 14, 2024
Homeदेश-समाजजिसके घर नरसंहार करने आया था नक्सली कमांडर, उसकी पत्नी ने अकेले टांगी से...

जिसके घर नरसंहार करने आया था नक्सली कमांडर, उसकी पत्नी ने अकेले टांगी से काट-काट कर गुमला में मार डाला

विनीता का यह रूप देखकर बाकी के नक्सलियों में अफरा-तफरी मच गई। टांगी के हमले से कमांडर बसंत गोप गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उठाकर उसके साथी जंगल की ओर भाग निकले लेकिन उसकी मृत्यु के बाद उसके साथी शव को पुजार बगीचा में छोड़कर भाग निकले।

हार्डकोर नक्सली और दो लाख के इनामी पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर बसंत गोप को टांगी से प्रहार कर एक निर्भीक आदिवासी महिला विनीता उरांव ने मार गिराया। यह घटना वृंदा नायक टोली में मंगलवार (मई 05, 2020) की रात की है।

झारखंड में गुमला सहित कई जिलों में आतंक का पर्याय बन चुके उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के कमांडर बसंत गोप को ग्रामीण महिला ने टांगी से काटकर मार डाला। मारे गए नक्सलियों के सबजोनल कमांडर बसंत गोप के खिलाफ गुमला सहित विभिन्न जिलों के थानों में हत्या, लूट, अपरहण सहित दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

बसंत गोप के मारे जाने के बाद पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिलावासियों ने भी राहत की साँस ली है। शव की शिनाख्त पुलिस द्वारा बसंत गोप के रूप में की गई।

नरसंहार करने के लिए अपने 6 साथियों के साथ रात किया था विनीता के परिवार पर हमला

बसंत गोप ने मंगलवार रात करीब 8:30 बजे वृंदा नायकटोली में भीम उरांव के घर पर हमला किया था। हमला करने के बाद दरवाजा तोड़कर जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया। अपने 6-7 साथियों के साथ उसने नायकटोली स्थित विनीता उरांव के घर पर हमला बोला। वे यह कहते जा रहे थे कि आज भीम उरांव (विनीता के पति) के घर के सब को पूजेंगे।

पहले नक्सली उग्रवादी भीम उरांव के परिवार को बाहर निकलने के लिए कहते रहे। उन्होंने गोलीबारी भी की लेकिन कोई जवाब ना मिलने पर जब नक्सलियों ने भीम उरांव के घर में घुसने की कोशिश की तो विनीता ने अपने परिवार को छुपाकर बसंत गोप पर टांगी से हमला कर दिया। महिला ने नक्सली पर कई वार किए, जिससे वो दरवाजे पर ही गिर गया।

विनीता का यह रूप देखकर नक्सलियों में अफरा-तफरी मच गई। टांगी के हमले से बसंत गोप गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उठाकर उसके साथी जंगल की ओर भाग निकले लेकिन बसंत गोप की मृत्यु के बाद उसके साथी शव को पुजार बगीचा में छोड़कर भाग निकले। बुधवार सुबह गाँव वालों को उसकी लाश मिली।

इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस रात को गाँव पहुँची। थाना प्रभारी शंकर ठाकुर ने बताया कि निश्चित रूप से बसंत गोप आतंक का पर्याय बन चुका था और वो लेवी वसूलने सहित हत्या के कई मामलो में संलिप्त था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बसंत गोप के कारण ही शनिचरवा उरांव (भीम उरांव) का पूरा परिवार 2018 में गाँव छोड़कर चला गया था। बसंत गोप लेवी के लिए इस परिवार को तंग करता था। परेशान होकर पूरा परिवार गाँव छोड़कर राँची चला गया था। कुछ दिन पहले ही यह परिवार कोरोना वायरस के कारण हुए बंद के बाद राँची से गाँव लौटा था। इसकी जानकारी जब बसंत गोप को मिली तो वह अपने साथियों के साथ मंगलवार रात को परिवारवालों की हत्या करने घर पहुँच गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NITI आयोग की रिपोर्ट में टॉप पर उत्तराखंड, यूपी ने भी लगाई बड़ी छलाँग: 9 साल में 24 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले

NITI आयोग ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडेक्स 2023-24 जारी की है। देश में विकास का स्तर बताने वाली इस रिपोर्ट में उत्तराखंड टॉप पर है।

लैंड जिहाद की जिस ‘मासूमियत’ को देख आगे बढ़ जाते हैं हम, उससे रोज लड़ते हैं प्रीत सिंह सिरोही: दिल्ली को 2000+ मजार-मस्जिद जैसी...

प्रीत सिरोही का कहना है कि वह इन अवैध इमारतों को खाली करवाएँगे। इन खाली हुई जमीनों पर वह स्कूल और अस्पताल बनाने का प्रयास करेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -