Friday, June 21, 2024
Homeदेश-समाज'सॉरी, पता नहीं था कोरोना की दवाई है': पुलिस स्टेशन के बाहर वैक्सीन की...

‘सॉरी, पता नहीं था कोरोना की दवाई है’: पुलिस स्टेशन के बाहर वैक्सीन की 622 डोज छोड़ गया चोर

अस्पताल के स्टोर रूम की आलमारी में रखीं कुछ फाइलें भी चोरी हुई थी। लेकिन वहीं रखी अन्य दवाइयों और 50 हजार रुपए को हाथ तक नहीं लगाया गया था।

हरियाणा के जींद के एक अस्पताल से चोरी हुई कोरोना वैक्सीन की 622 डोज मिल गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक बाइक सवार सिविल लाइन पुलिस थाने के बाहर चाय की दुकान पर एक थैला छोड़ चला गया। जब इस खोला गया तो उसमें वैक्सीन की डोज थी। साथ ही एक माफीनामा भी था, जिस पर लिखा था, “सॉरी, पता नहीं था कोरोना की दवाई है।”

रिपोर्टों के अनुसार प्लास्टिक की बैग में कोवैक्‍सीन की 440 और कोविशील्‍ड की 182 शीशी थी। हालॉंकि इससे पुलिस की परेशानियों का अंत होता नहीं दिखता, क्योंकि अस्पताल से वैक्सीन की 1710 डोज चोरी हुई थी। अब पुलिस बचे हुए डोज की बरामदगी की कोशिश में लगी हुई है।

चोरी का यह मामला जींद जिले के पीपी सेंटर जनरल अस्पताल का है। स्टोर रूम से कोविशील्ड के 1270 और कोवैक्सिन के 440 डोज चोरी हो गए थे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस घटना के बाद जिले में कोरोना का एक भी टीका बचा नहीं था।

चोर के द्वारा लिखा गया माफीनामा (फोटो : साभार रिपब्लिक)

चोरी के बाद सेंटर के इन्चार्ज ने कहा था, “मैं अपने मेन सेंटर को भी चेक करूँगा, जहाँ से पूरे जिले को सप्लाई जाती है। अधिकारियों को भी सूचित करूँगा।” जींद के स्‍वास्‍थ्‍य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया था कि रात के वक्त ताला तोड़कर वैक्‍सीन चोरी को अंजाम दिया गया। स्टोर रूम की आलमारी में रखीं कुछ फाइलें भी चोरी हुई थी। लेकिन वहीं रखी अन्य दवाइयों और 50 हजार रुपए को हाथ तक नहीं लगाया गया था।

इससे पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक अस्पताल से वैक्सीन चोरी का मामला सामने आया था। वहॉं वैक्सीन की 320 डोज चोरी हुई थी। गौरतलब है कि 1 मई से 18 साल से अधिक की उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उससे पहले देश के कई हिस्सों से Ramdesivir की ब्लैकमार्केटिंग की खबरें आई हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बिहार का 65% आरक्षण खारिज लेकिन तमिलनाडु में 69% जारी: इस दक्षिणी राज्य में क्यों नहीं लागू होता सुप्रीम कोर्ट का 50% वाला फैसला

जहाँ बिहार के 65% आरक्षण को कोर्ट ने समाप्त कर दिया है, वहीं तमिलनाडु में पिछले तीन दशकों से लगातार 69% आरक्षण दिया जा रहा है।

हज के लिए सऊदी अरब गए 90+ भारतीयों की मौत, अब तक 1000+ लोगों की भीषण गर्मी ले चुकी है जान: मिस्र के सबसे...

मृतकों में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। इस साल मृतकों की संख्या बढ़कर 1081 तक पहुँच चुकी है, जो अभी बढ़ सकती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -