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‘अब तो बच्चे एक ही अच्छे’: राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने किया जनसंख्या नियंत्रण कानून का समर्थन, भड़का दारुल उलूम देवबंद

इस मुद्दे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब तक किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं की है। माना जा रहा है कि शर्मा द्वारा वन चाइल्ड का मुद्दा आगे चलकर गर्मा सकता है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के जनसंख्या नियंत्रण कानून ड्राफ्ट के बाद अब कॉन्ग्रेसी राज्य राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने भी जनसंख्या नियंत्रण कानून का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ‘हम दो हमारे दो’ के दिन गुजर गए हैं। अब तो ‘एक ही बच्चे अच्छे’ हैं। शर्मा ने यह कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए अगर भारत सरकार कानून बनाएगी तो हम उसका साथ देंगे।

हालाँकि, इस मुद्दे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब तक किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं की है। माना जा रहा है कि शर्मा द्वारा वन चाइल्ड का मुद्दा आगे चलकर गर्मा सकता है।

इस बीच इस्लामिक सुन्नी मदरसा दारुल उलूम देवबंद ने उत्तर प्रदेश सरकार के जनसंख्या नियंत्रण कानून का विरोध किया है। दारुल उलुम ने मंगलवार (13 जुलाई 2021) को दावा किया कि इस बिल से समाज के सभी वर्गों को नुकसान होगा।

मदरसे के कुलपति कासिम नोमानी ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि योगी सरकार के इस बिल से दो से अधिक बच्चों वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं का फायदा नहीं मिल सकेगा। जिन लोगों के दो से अधिक बच्चे होंगे वो स्थानीय स्तर पर चुनाव नहीं लड़ पाएँगे। न ही सरकारी नौकरियों में प्रमोशन मिलेगा और न तो कोई सब्सिडी मिलेगी।

दारुल उलूम देवबंद के प्रवक्ता अशरफ उस्मानी ने योगी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि सोचिए जिन लोगों के तीन बच्चे होंगे तो उन बच्चों का क्या दोष है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण ड्राफ्ट लाए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, कर्नाटक औऱ असम में भी इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी इसको लेकर अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। वहीं मध्य प्रदेश में विधायक डॉ रमेश्वर शर्मा ने इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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