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लोटन निषाद के भाई ने बच्चों संग गाँव में लहराया तिरंगा, आज भी पुलिस की सुरक्षा घेरे में परिवारः तबलीगी जमात पर कमेंट के बाद सर में मारी गई थी गोली

वीडियो में कुछ लोग लोटन निषाद के गाँव में झंडा फहराते दिख रहे हैं। इनमें लोटन निषाद के भाई बड़े भाई बिरजू भी शामिल हैं। वीडियो में कुछ ग्रामीणों और बच्चों के साथ बिरजू दिख रहे हैं।

लोटन निषाद याद हैं आपको? 28 साल की उम्र में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बक्शी मोड़ा में 5 अप्रैल 2020 को हुई थी। तबलीगी जमात पर टिप्पणी के कारण गाँव के ही मोहम्मद सोना ने उनके सर में गोली मार दी थी।

इस हत्या को दो साल से अधिक बीत चुके हैं। लेकिन लोटन निषाद का परिवार अब भी डर के साए में जी रहा है। खतरे को देखते हुए आज भी परिवार को पुलिस सुरक्षा दी जा रही है। यह जानकारी ‘स्वराज्य’ की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने ट्विटर पर साझा की है। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है।

वीडियो में कुछ लोग लोटन निषाद के गाँव में झंडा फहराते दिख रहे हैं। इनमें लोटन निषाद के भाई बड़े भाई बिरजू भी शामिल हैं। वीडियो में कुछ ग्रामीणों और बच्चों के साथ बिरजू दिख रहे हैं।

लोटन निषाद की हत्या उस वक्त हुई थी, जब वैश्विक कोरोना संक्रमण से पूरा देश सहमा हुआ था। दिल्ली में तबलीगी जमात के मरकज में निर्देशों की अवहलेना करते हुए जमावड़ा था। इस घटना ने संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ा दिया था। लोटन निषाद ने भी 5 अप्रैल 2020 की सुबह एक दुकान पर युवकों के साथ चर्चा में इस घटना का जिक्र किया। इसको लेकर मोहम्मद सोना और उसके साथियों का लोटन निषाद से विवाद हो गया। बहस तेज होने पर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। लेकिन मोहम्मद सोना कुछ देर बाद फिर अपने साथियों के साथ लौटा और लोटन के सिर में गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

इस घटना के बाद लोटन के बड़े भाई बिरजू ने बताया था कि गाँव के मुस्लिम स्थानीय निषाद समाज के लोगों को लगातार धमकाने में लगे हुए हैं। उस समय उन्होंने हालात देखते हुए गाँव छोड़ने की भी बात कही थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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