Tuesday, June 25, 2024
Homeदेश-समाज'धर्म विशेष से डर के कारण यह मकान बिकाऊ है': दिल्ली के दंगा प्रभावित...

‘धर्म विशेष से डर के कारण यह मकान बिकाऊ है’: दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों में हिंदुओं के घरों पर पोस्टर

मोहनपुरी, मौजपुर और नूर-ए-इलाही इलाके में रहने वाले हिंदुओं ने घरों पर 'धर्म विशेष से डर के कारण यह मकान बिकाऊ है' के पोस्टर लगाए हैं। ये इलाके बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं। यहाँ से दिल्ली की आप सरकार के मंत्री गोपाल राय विधायक हैं।

ऑपइंडिया ने अपनी हालिया रिपोर्टों में बताया था कि इस साल फरवरी में किस तरह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों को अंजाम दिया गया था। अब समुदाय विशेष के डर की वजह से प्रभावित इलाके के हिंदू अपना घर बेचकर जाने को मजबूर हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मोहनपुरी, मौजपुर और नूर-ए-इलाही इलाके में रहने वाले हिंदुओं ने घरों पर ‘धर्म विशेष से डर के कारण यह मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाए हैं। ये इलाके बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं। यहाँ से दिल्ली की आप सरकार के मंत्री गोपाल राय विधायक हैं।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी इस संबंध में ट्वीट किया है। उन्होंने शुक्रवार (31 जुलाई 2020) को प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया।

तिवारी ने बताया है कि अपने संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले मोहनपुरी और मौजपुरी का दौरा करने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। इसमें इलाके में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

पत्र में तिवारी ने दिल्ली सरकार पर हिंदुओं के साथ भेदभाव का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा है कि दौरा करने के दौरान पता चला कि कुछ हिस्सों में सुरक्षा के लिए लोगों को अपने पैसे से गेट लगवाने पड़े हैं, जबकि बगल के इलाकों में दिल्ली सरकार ने करदाताओं के पैसे से गेट लगाए हैं। साथ ही कहा है कि इस इलाके में एक खास समुदाय का प्रभाव है। पीड़ितों ने बताया कि स्थानीय विधायक और मंत्री ने आज तक न तो उनकी सुध ली है और न उन्हें अब तक मुआवजा मिला है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार एक ही समुदाय के लोगों को कानूनी मदद मुहैया करा रही है। उन्होंने केजरीवाल से इस भेदभाव की वजह पूछी है। तिवारी ने पूछा है कि हिंसा में सभी पीड़ित हुए हैं तो फिर मुआवजे के नाम पर दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है? सरकार चेहरा और नाम पूछकर भेदभाव क्यों कर रही है?

रिपोर्टों के अनुसार विशेष समुदाय की धमकियों से हिंदू परिवार परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार समुदाय विशेष के कुछ लोग रात में उनके घरों का दरवाजा खटखटाते हैं। धमकियाँ देते हैं।

गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को हिंदू विरोधी दंगों की शुरुआत हुई थी। हालॉंकि इसकी पूरी योजना जनवरी में ही तैयार हो गई थी। 23 फरवरी को जाफराबाद में हिंसा की पहली घटना हुई और इसके अगले दिन सुनियोजित तरीके से दंगे भड़के थे।

इन दंगों पर ऑपइंडिया की विस्तृत रिपोर्ट अब अमेज़न के किंडल पर उपलब्ध है। इसमें दंगों में जान-माल की भारी क्षति और हिन्दुओं को किस तरह निशाना बनाया गया, उसका पूरा विवरण है।

हालाँकि, लिबरल गैंग द्वारा पूरा प्रयास किया गया था कि इन दंगों के लिए हिन्दुओं को अपराधी दिखा कर पेश किया जाए, असली इस्लामी कट्टरवादी दंगाइयों को बचाया जाए और कट्टरपंथियों को पीड़ित घोषित किया जाए। लेकिन, पुलिस की चार्जशीट और ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट्स ने सच्चाई सामने ला दी

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शिखर बन जाने पर नहीं आएँगी पानी की बूँदे, मंदिर में कोई डिजाइन समस्या नहीं: राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्रा ने...

श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के मुखिया नृपेन्द्र मिश्रा ने बताया है कि पानी रिसने की समस्या शिखर बनने के बाद खत्म हो जाएगी।

दर-दर भटकता रहा एक बाप पर बेटे की लाश तक न मिली, यातना दे-दे कर इंजीनियरिंग छात्र की हत्या: आपातकाल की वो कहानी, जिसमें...

आज कॉन्ग्रेस पार्टी संविधान दिखा रही है। जब राजन के पिता CM, गृह मंत्री, गृह सचिव, पुलिस अधिकारी और सांसदों से गुहार लगा रहे थे तब ये कॉन्ग्रेस पार्टी सोई हुई थी। कहानी उस छात्र की, जिसकी आज तक लाश भी नहीं मिली।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -