Homeदेश-समाजतीन तलाक से परेशान शगुफ्ता ने कोर्ट के बाहर पकड़ा ससुर का कॉलर, फिर...

तीन तलाक से परेशान शगुफ्ता ने कोर्ट के बाहर पकड़ा ससुर का कॉलर, फिर चप्पल से कर दिया मुँह लाल

शगुफ्ता परवीन के निकाह के बाद उसकी दो बेटियाँ हुईं। जिसके बाद शौहर अली अख्तर विदेश कमाने चला गया। जब वापस आया तो उसने शगुफ्ता को तीन तलाक देकर दूसरी लड़की आफरीन से निकाह कर लिया। शगुफ्ता पिछले 9 साल से अपनी बेटियों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।

बिहार के गोपालगंज कोर्ट के परिसर के बाहर बुधवार को एक बहुत ही चौंकाने वाली घटना हुई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यहाँ तीन तलाक से पीड़ित एक महिला ने अपने ससुर का पहले कॉलर पकड़कर पति के बारे पूछा और जवाब न मिलने पर उसने अपने ससुर की चप्पल से पिटाई कर दी।

इस घटना से लोग सकते में आ गए। बाद में स्थानीय दुकानदारों की मदद से मसले को सुलझाया। इस दौरान पीड़ित महिला बार-बार तलाक देने और अपने बच्चियों के जीवन यापन के लिए पैसा नहीं देने का आरोप उनपर लगाती रही।

जानकारी के मुताबिक महिला का नाम शगुफ्ता परवीन है। वह बरौली के सरेया नरेंद्र गाँव की निवासी है। 14 मार्च 2007 में उसका निकाह कुचायकोट के बली खरेया निवासी अली अख्तर से हुआ था। निकाह के बाद उसकी दो बेटियाँ हुईं। जिसके बाद अली अख्तर विदेश कमाने चला गया। जब वापस आया 2010 में तो उसने शगुफ्ता को तीन तलाक देकर दूसरी लड़की आफरीन से निकाह कर लिया। जिसके बाद इस मामले के मद्देनदर न्यायालय में प्रताड़ना का मुकदमा चला। इसमें कोर्ट ने पीड़ित महिला को गुजाराभत्ता के नाम पर 2000 रुपए महीना देने के लिए निर्देश दिए। शगुफ्ता पिछले 9 साल से अपनी बेटियों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।

लेकिन महिला का कहना है कि उसे आजतक कोई पैसा नहीं मिला। न ही उसकी अपनी पति से मुलाकात हुई। उसने बहुत परेशान होकर अपने ससुर से अपने पति के बारे में पूछा और जब ससुर ने जवाब देने में आना-कानी की, तो उसने गुस्से में आकर उसकी चप्पल से पिटाई कर दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लाला जगत नारायण से लेकर ML मनचंदा तक: खाालिस्तानी आतंकवादियों का निशाना बने पत्रकारों की कहानी

खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर सिर्फ हिंदू पत्रकार ही नहीं थे। अलगाववाद को खारिज करने वाले सिख पत्रकारों को भी गद्दार बताकर मारा गया।

किसी का फोकस ‘अंबेडकरवाद’ पर, किसी का ‘फ्री फिलिस्तीन’ पर: CJP प्रदर्शन से पनपे ‘इंफ्लुएंसर्स’ का अपना-अपना एजेंडा, जानिए कंटेंट की माइनिंग कर कैसे...

CJP प्रदर्शन से चमके मोहम्मद जुनैद, हर्षित, उज्जवल, रिया अहिर और नीशू जैसे तथाकथित इंफ्लुएंसर्स का अपना-अपना एजेंडा है।
- विज्ञापन -