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कंधा टूटा, सिर में चोट आई और हड्डियों में भी फ्रैक्चर: मुंबई में आवारा कुत्ता भगाने पर भोलानाथ को अहमद शेख और साथियों ने किया घायल, पढ़ें- FIR में क्या लिखा है

एक आवारा कुत्ते को भगाने जैसी छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपितों ने गुट का पीछा करके बुद्ध विहार के पास रास्ता रोक लिया। फिर ताबड़तोड़ हमला किया और बुरी तरह घायल करने के बाद मौके से फरार हो गया।

मुंबई के घाटकोपर में मंगलवार (16 दिसंबर 2025) की देर रात घर लौट रहे एक शख्स और उसके रिश्तेदारों पर जानलेवा हमला हो गया। हैरानी की बात यह है कि विवाद सिर्फ एक भौंकते हुए आवारा कुत्ते को भगाने को लेकर शुरू हुआ था। इस हमले में शालिग्राम भोलानाथ यादव नाम के शख्स का कँधा टूट गया है और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके लिए उन्हें टांके लगवाने पड़े।

पंतनगर पुलिस स्टेशन की सीमा में हुए इस हमले को इलाके के ही तीन लोगों ने अंजाम दिया। इस मामले में दर्ज की गई FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।

उस रात आखिर हुआ क्या था?

यह पूरी घटना मंगलवार (16 दिसंबर 2025) की रात (तड़के) करीब 2:30 बजे की है। मुंबई के घाटकोपर ईस्ट स्थित रमाबाई कॉलोनी के श्रावस्ती बुद्ध विहार के पास यह सब हुआ। शिकायतकर्ता शालिग्राम यादव अपना काम खत्म करने और खाना खाने के बाद अपने भतीजे आकाश यादव और एक रिश्तेदार राजन यादव के साथ पैदल घर लौट रहे थे।

यादव के मुताबिक, रास्ते में उनका भतीजा आकाश बाथरूम जाने के लिए रुका, तभी वहाँ मौजूद एक आवारा कुत्ता उस पर जोर-जोर से भौंकने लगा। कुत्ते को डराकर भगाने के लिए आकाश ने अपनी चप्पल उठाई, हालाँकि उसने कुत्ते को मारा नहीं था। पास ही अलाव (आग) ताप रहे तीन लोगों ने इस पर ऐतराज जताया और आकाश पर कुत्ते को मारने का आरोप लगाते हुए झगड़ा शुरू कर दिया।

उन तीनों ने समझाने की कोशिश की कि उन्होंने कुत्ते को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया है और वे शांति से वहाँ से आगे बढ़ गए। लेकिन आरोप है कि उन तीन लोगों ने पीछा करके उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया और उनके साथ बुरी तरह मारपीट की।

क्या कहती है FIR?

ऑपइंडिया ने इस मामले में शालिग्राम भोलानाथ यादव की शिकायत पर पंतनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई FIR की कॉपी हासिल की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं 115(2), 118(1), 118(2), 3(5) और 352 (जैसे मारपीट और चोट पहुँचाना) के तहत दर्ज किया गया है।

स्रोत: महाराष्ट्र पुलिस

FIR के मुताबिक, हमला करने वाले तीनों आरोपितों की पहचान इमरान अहमद शेख, संपत भागीरथ सुतार और ऋतिक संजय चंद्रमोरे के रूप में हुई है। ये तीनों रमाबाई कॉलोनी के ही रहने वाले हैं। शिकायतकर्ता शालिग्राम ने बताया कि सबसे पहले ऋतिक ने उनके सिर पर लकड़ी के फट्टे से वार किया, जिससे खून बहने लगा। इसके बाद इमरान ने उसी फट्टे से उनके बाएँ कंधे, पैर और पीठ पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

स्रोत: महाराष्ट्र पुलिस

यही नहीं, तीसरे आरोपित संपत ने आकाश और राजन के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपित मौके से भाग निकले। घायल शालिग्राम को इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उनके बाएँ कंधे में फ्रैक्चर (हड्डी टूट गई) है और सिर के घाव भरने के लिए कई टाँके लगाने पड़े हैं।

स्रोत: महाराष्ट्र पुलिस

हमले के बाद डर और असुरक्षा का माहौल

अपने बयान में शालिग्राम यादव ने बताया कि वे इस इलाके में पिछले 25 साल से रह रहे हैं, लेकिन आज से पहले उनके साथ कभी ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गहरा डर जताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब मोहल्ले के लोगों को खुद को बचाने का भी हक नहीं है, खासकर तब जब कोई आवारा कुत्ता उन पर हमला करने की कोशिश करे?

फिलहाल, पुलिस इस मामले की आगे की जाँच कर रही है।

यह रिपोर्ट मूल रुप से अंग्रेजी में अनुराग ने लिखी है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

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Anurag
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Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over twenty one years of professional experience, including more than five years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

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