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‘आतंकवादी हैं विहिप-RSS वाले, हमें मिले खुले में नमाज की अनुमति’: भड़के मुस्लिम पर्नसल लॉ बोर्ड ने कहा – फैसला कबूल नहीं

प्रेसनोट में नमाज़ी मुस्लिमों को तकलीफ सहने वाला लिखा गया है। बताया गया है कि खुले में नमाज़ पढ़ने वाला नमाज़ी धूप और बारिश सहता है।

गुरुग्राम में सड़कों पर नमाज़ का विरोध करने वाले हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने आतंकवादी कहा है। बोर्ड के महासचिव मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रह़मानी ने सड़कों पर नमाज़ रोकने का आदेश देने वाली हरियाणा सरकार के निर्णय को बीच नाजायज करार दे डाला है। मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रह़मानी के मुताबिक यह फैसला कबूल नहीं है। यह बयान बोर्ड ने 12 दिसंबर (रविवार) को जारी प्रेसनोट में दिया है।

अपने बयान में मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रह़मानी ने गुरुग्राम को गुड़गांव कह कर सम्बोधित किया है। आगे कहा है कि गुरुग्राम में मुस्लिम समाज के लोग बड़ी तादाद में नौकरी करते हैं। इसी के साथ जगह की कमी का दोष भी सरकार पर डालते हुए लिखा गया है कि सरकार ने अपनी तरफ से नमाज़ियों के लिए मस्जिद नहीं बनवाई। ऐसे में मुसलमान खुले स्थानों में नमाज़ अदा करने पर मजबूर हैं।

प्रेसनोट में नमाज़ी मुस्लिमों को तकलीफ सहने वाला लिखा गया है। बताया गया है कि खुले में नमाज़ पढ़ने वाला नमाज़ी धूप और बारिश सहता है। ऐसे में सरकार का खुले में नमाज़ न पढ़ने देने का फैसला मुस्लिमों पर जुल्म है। पत्र में वक़्फ़ की अनेक जमीनों को कब्ज़े वालों द्वारा न लौटाने की बात कही गई है। इसी के साथ जुमे की नमाज़ की अदायगी का समय 1 घंटे बता कर इसे बहुत कम आँका गया है।

पत्र में आगे खट्टर सरकार के फैसले की निंदा करते हुए मुस्लिमों की नमाज़ पढ़ने की समस्या को सरकार द्वारा दूर करने को कहा गया है। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद् (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को आतंकवादी शब्द से सम्बोधित किया गया है। उनके लिए कानूनी रूप से सज़ा की माँग की गई है।

प्रेसनोट

इस प्रेसनोट के जारीकर्ता डॉ. मुहम्मद वक़ारुद्दीन लतीफ़ी हैं जिन्होंने अपना पद कार्यालय सचिव के रूप में लिखा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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