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शाहिद कबूतर, मजिद मामू और मोहसिन कचौड़ी ने लॉकडाउन में किया पुलिस टीम पर चाकू से हमला, 2 घायल

भोपाल का तलैया थाना क्षेत्र, इलाका इस्लामपुरा। लॉकडाउन के बावजूद लोग एकट्ठा हो रहे थे। पुलिस जब समझाने गई तो धारधार हथियारों से हमला किया। एक पुलिसकर्मी के हाथ में और दूसरे पुलिसकर्मी के कंधे में चोट आई।

मध्य प्रदेश में इंदौर के बाद अब भोपाल मेंं भी लॉकडाउन के बीच पुलिस पर हमले की खबर आई है। घटना तलैया थाना क्षेत्र में इस्लामपुरा इलाके की है। यहाँ विशेष समुदाय की भीड़ ने पुलिस पर धारधार हथियारों से हमला बोला और हमले में 2 से 3 पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामपुरा में लॉकडाउन के बावजूद लोग एकट्ठा हो रहे थे। इन्हें एक जगह एकत्रित होने से रोकने के लिए पुलिस मौके पर पहुँची और इन लोगों को बाहर घूमने से मना किया। इसके बाद रात के करीब साढ़े दस बजे एक बदमाश ने अपने दर्जन भर साथियों के साथ मिलकर छह पुलिस कर्मियों पर हमला किया और 2 पर चाकू चला दिया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी के हाथ में और दूसरे पुलिसकर्मी के कंधे में चोट आई। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। जबकि घायल पुलिसकर्मियों को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

तलैया थाना टीआई डीपी सिंह के अनुसार शाहिदिया स्कूल के पीछे रात में 15 से 20 लोग समूह में घूम रहे थे। इस दौरान आरक्षक लक्ष्मण यादव और सतीश सिंह ने उनको घर जाने के लिए बोला। जिस पर यह लोग पुलिस से विवाद करने लगे। तभी शाहिद कबूतर, मजिद मामू और मोहसिन कचौड़ी ने मिलकर दोनों पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया। जब तक बाकी पुलिस कर्मी उनके पास मदद करने पहुँचते, आरोपित हमला कर भागने में कामयाब हो गए। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपित बदमाश हैं। उनका पुराना अपराधिक रिकॉर्ड भी है। अब उनके साथ घूम रहे 15 लोगों की तलाश की जा रही है। 

बता दें कि थाना टीआई का कहना है कि जहाँ पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया है, वह इलाका कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है क्योंकि एक जमाती यहाँ कोरोना संक्रमित मिला था। 

गौरतलब है कि इससे पहले लॉकडाउन के बीच इंदौर में भी समुदाय विशेष के हंगामा मचाया था। इस दौरान उन्होंने कोरोना संदिग्ध की जाँच के लिए गई स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव किया था। उनसे बदसलूकी की थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि स्वास्थ्यकर्मी किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे थे। इस दौरान उपद्रवियों ने सुरक्षा लिहाज से लगाए बैरिकेड्स भी तोड़ दिए थे। बाद में सूचना मिलते ही पुलिस ने इनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज किया था और 13 आरोपितों को गिरफ्तारी हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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