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हनुमान चालीसा पढ़ रही रैली पर मस्जिद से पथराव, राम मंदिर निर्माण के चंदा के लिए निकले थे भक्त

वाहन पर सवार हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता 'जय श्रीराम' के नारे लगा रहे थे। जब कार्यकर्ता नारे लगाते हुए एक विशेष समुदाय के क्षेत्र से निकल रहे थे तभी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

इंदौर जिले के चाँदन खेड़ी गाँव में मंगलवार (दिसंबर 29, 2020) को हिंदूवादी संगठन के लोगों पर पथवराव की घटना के बाद इंदौर और ग्रामीण क्षेत्रों से भारी पुलिस बल पहुँच गया है। यह गाँव साँवेर-गौतमपुरा रोड पर स्थित हैं। इस घटना में करीब 12 लोगों के घायल होने की सूचना है। गाँव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। 

डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने घटना को लेकर कहा कि क्षेत्र में अब स्थिति सामान्य है और सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार दोपहर 1 बजे संगठन द्वारा अयोध्या के राम मंदिर के लिए धन संग्रह करने रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। दोपहर करीब एक बजे कुछ कार्यकर्ता मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। कुछ ही देर में पत्थर बरसने लगे।

वाहन पर सवार हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे। जब कार्यकर्ता नारे लगाते हुए एक विशेष समुदाय के क्षेत्र से निकल रहे थे तभी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर पथराव हुआ और तोड़फोड़ भी की गई है।

घटना की सूचना मिलते ही गाँव में अफरा-तफरी मच गई। इंदौर स्थित पुलिस मुख्यालय में सूचना मिलते ही आला अधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पहुँचे और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही इंदौर डीआरपी लाइन से 50 पुलिसकर्मियों की टुकड़ी लेकर बड़े अफसर पहुँच गए। जब बात नहीं बनी तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों उज्जैन में भी हिंदूवादी संगठन की रैली के दौरान बेगमबाग में जमकर पत्थर चले थे। जिसके बाद उज्जैन में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वहाँ भी बेगमबाग क्षेत्र में राम मंदिर निर्माण को लेकर धन संग्रह करने के लिए निकले हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की रैली पर पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भोपाल में कोरोना सर्वे टीम के साथ बदसलूकी की खबर सामने आई थी। लोगों ने दस्तावेज फाड़ने के बाद हाथों में पत्थर लेकर टीम का पीछा किया था। पुलिस के कहने पर मस्जिद से की गई अपील के बाद लोग शांत हुए और टीम ने सर्वे का काम पूरा किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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