Sunday, July 25, 2021
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शहनाज Weds गौरव: धर्म की ‘आड़’ में जब अब्बू-अम्मी ने नहीं दिया साथ, शेल्टर होम से की ज़िंदगी की शुरुआत

शहनाज ने गौरव से शादी करने के बाद 29 मई को शेल्टर होम भी छोड़ दिया और अपने पति के साथ नई ज़िंदगी की शुरुआत करने के लिए निकल पड़ी है।

किसी भी लड़की के लिए शेल्टर होम में रहना आसान नहीं होता है। मगर फिर भी सहारनपुर की शहनाज ने अपनी मर्जी से घर छोड़कर शेल्टर होम का आसरा लिया और 27 मई को अपने पसंद के लड़के गौरव से शादी कर अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत की। शादी से सिर्फ चार दिन पहले घर छोड़कर अंजान शहर दिल्ली आना, जहाँ उनका कोई जानने वाला न हो, शेल्टर होम में रहना बिल्कुल आसान नहीं रहा होगा। बावजूद इसके उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया और उनकी इस हिम्मत की वजह से ही उनकी शादी वहाँ हुई, जहाँ वो करना चाहती थी।

दरअसल, शहनाज के परिवार वाले दूसरे धर्म के लड़के गौरव से शादी करवाने के लिए तैयार नहीं थे और शहनाज की मर्जी के बगैर 10 फरवरी को उनकी शादी कहीं और करवा रहे थे। इसलिए उन्होंने 6 फरवरी को घर छोड़ दिया और दिल्ली के जंगपुरा के शेल्टर हेम में शरण लिया। शहनाज ये कदम उठाकर न केवल रुढ़िवादी परिवार के फैसले के खिलाफ खड़ी हुई, बल्कि गौरव को भी इस बात के लिए मनाया कि शादी धार्मिक रीति-रिवाज की जगह कोर्ट में रजिस्टर करवाया जाए। अब शहनाज ने गौरव से शादी करने के बाद 29 मई को शेल्टर होम भी छोड़ दिया और अपने पति के साथ नई ज़िंदगी की शुरुआत करने के लिए निकल पड़ी है।

दिल्ली के जंगपुरा में स्वैच्छिक संगठन शक्ति शालिनी द्वारा चलाए जा रहे शेल्टर होम में रहने के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने शहनाज को सुरक्षा प्रदान की थी। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में शादी रजिस्टर करवाने के लिए यहाँ कम से कम एक महीने रुकना पड़ता है। इस दौरान शेल्टर होम ने शहनाज का काफी साथ दिया। इसके साथ ही शादी के समय दंपत्ति के साथ एक और दिक्कत थी कि उनके पास दिल्ली का स्थाई पता नहीं था। ऐसे में उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसडीएम-प्रभारी ने जरूरी वेरिफिकेशन के बाद शेल्टर होम को ही स्थाई पता मानते हुए शहनाज का घर मान लिया।

पुलिस और अदालत के सामने आत्मविश्वास और बेबाकी से अपनी बात रखने के बाद शहनाज ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने और उनके पति ने एक-दूसरे के धर्म को सम्मान के साथ स्वीकार करने का फैसला किया था। शहनाज बताती है कि उन्होंने बारहवीं तक की पढ़ाई की है। वो आगे ग्रेजुएशन की पढ़ाई करके नौकरी करना चाहती है। शहनाज के पति गौरव एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते हैं। शक्ति शालिनी की सेक्रेट्री भारती शर्मा ने इस मामले में शामिल चुनौतियों और संवेदनाओं को देखते हुए इसे बड़ी सफलता बताया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शक्ति शालिनी काउंसलर शहनाज के साथ नियमित संपर्क में रहेंगी। शहनाज-गौरव के किस्से ने काफी लोगों को आशा की नई राह दिखाई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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