Friday, June 14, 2024
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‘जैन मुनि के हत्यारों को बचा रही कॉन्ग्रेस’: कर्नाटक सरकार का CBI जाँच से इनकार, जैन समाज का प्रदर्शन, VHP ने कहा – हत्यारों को दी जाए फाँसी

जैन मुनि कामकुमार नंदी महाराज की हत्या के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की सीबीआई जाँच कराने के लिए जैन संत विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कर्नाटक के बेलगावी जिले में दिगंबर जैन मुनि कामकुमार नंदी महाराज की हत्या कर दी गई थी। हत्या की CBI जाँच कराने की माँग हो रही है। लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार ने सीबीआई जाँच की माँग को ठुकरा दिया। इस मामले में BJP ने कॉन्ग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है। वहीं, इस हत्या को लेकर VHP भी राज्य सरकार पर हमलावर है।

जैन मुनि कामकुमार नंदी महाराज की हत्या के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की सीबीआई जाँच कराने के लिए जैन संत विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा भी सीबीआई जाँच कराने की माँग कर रही है। लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार सीबीआई जाँच कराने से इनकार कर रही है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि पुलिस ही इस मामले को सुलझा देगी। इसलिए सीबीआई जाँच की आवश्यकता नहीं है।

गृह मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “जाँच प्रक्रिया में किसी भी तरह के भेदभाव का सवाल ही नहीं उठता। हमारी पुलिस इस मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मैं हुबली में विरोध प्रदर्शन कर रहे जैन भिक्षुओं से मिला हूँ उन्होंने मामले की सीबीआई जाँच कराने की माँग की है। मुझे नहीं लगता कि इस मामले में सीबीआई की जरूरत है। कर्नाटक पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार करने और मामले को सुलझाने में सक्षम है।”

वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कॉन्ग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है, “जैन मुनि की हत्या बेहद निंदनीय है। इस मामले की शुरुआत में आरोपितों के नाम छुपाए गए। लोगों पर दबाव डालकर यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि जैन मुनि पैसों के लेनदेन में शामिल थे। यह दिखाने की कोशिश की गई है कि आर्थिक कारणों से जैन मुनि की हत्या हुई है। इसमें ऐसा संदेह है कि आरोपितों को बचाने का प्रयास हो रहा है। मुझे लगता है कि यह तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा है। जनता और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद कर्नाटक सरकार एक्टिव हुई है। इस मामले के आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।”

विश्व हिंदू परिषद ने की आरोपितों को फाँसी देने की माँग

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महा मंत्री मिलिंद परांडे ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है, “दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले पूज्य जैन आचार्य का अपहरण और उसके बाद जिहादियों द्वारा उनके पवित्र शरीर के टुकड़े-टुकड़े करना राज्य में कॉन्ग्रेस सरकार की हिंदू विरोधी नीतियों का परिणाम है। जैन मुनि पिछले 15 वर्षों से आनंद पर्वत पर रहकर स्थानीय समाज की सेवा कर रहे थे। प्रदेश की नई सरकार के मंत्री गोहत्या विरोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून हटाने की बात कर रहे हैं। इसके बाद से ही धर्म द्रोही और राष्ट्र विरोधी ताकतों का दुस्साहस बढ़ गया है।”

उन्होंने यह भी कहा है, “समाज में कलंक बने इन आरोपितों पर अंकुश लगाकर आरोपितों और उनके साथियों को जल्द से जल्द फाँसी की सजा दी जानी चाहिए। सरकार की हिंदू विरोधी नीति के कारण राज्य में साधु और समाज के लोग सुरक्षित नहीं हैं। इस्लामिक जिहादी व कट्टरपंथी छुट्टे घूम रहे हैं। कॉन्ग्रेस सरकार को हिंदू जैन समाज से माफी माँगते हुए अपनी हिंदू द्रोही मानसिकता से बाहर आना चाहिए।”

बताा दें कि बेलगाम जिले के चिक्कोड़ी इलाके में जैन मुनि 108 कामकुमार नंदी जी महाराज नंदी पर्वत आश्रम में पिछले 15 वर्षों से रह रहे थे। गुरुवार (6 जुलाई, 2023) को नंदी महाराज अचानक लापता हो गए। उनके शिष्यों ने पहले उन्हें अपने स्तर से खोजने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं मिले। आखिरकार आश्रम के शिष्यों ने पुलिस में नंदी महराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस की छानबीन में उनके शव में कुछ टुकड़े बरामद हुए। बाद में उनका अंतिम संस्कार जैन मठों के महास्वामी के नेतृत्व में किया गया।

पुलिस की जाँच के दौरान शक की सुई एक संदिग्ध पर गई। जब संदिग्ध को हिरासत में ले कर पूछताछ की गई तो उसने  जैन मुनि की हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपित मृतक का परिचित है। बताया जा रहा है कि आरोपित ने जैन मुनि से कुछ रुपए उधार लिए थे। काफी दिनों तक न लौटा पाने के बाद जैन मुनि ने अपने पैसे वापस माँगने शुरू किए तो इसी पर आरोपित ने जैन मुनि नंदी महाराज की जान ले ली। आरोपित ने घटना में अपने साथ एक अन्य व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस ने हत्या में शामिल उस दूसरे व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नारायण बसप्पा माडी और हसन दलायथ के रूप में हुई। दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जैन मुनि की हत्या कर के लाश टुकड़ों में काट दी। बाद में दोनों ने उन टुकड़ों को लेकर पुलिस को गुमराह करते रहे। इसके बाद पुलिस ने शव के टुकड़े कटकभावी गाँव के एक बंद पड़े बोरवेल से बरामद किए। बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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