Wednesday, July 17, 2024
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जैन मुनि के शव के टुकड़े बरामद, हजारों लोगों की मौजूदगी में यज्ञ पूजा और अंतिम संस्कार: BJP ने कर्नाटक सरकार से की जाँच की माँग, आचार्य लोकेश बोले – अब तो जागो…

संस्कार से पहले श्मशान भूमि का शुद्धिकरण करके यज्ञ पूजा हुई। उसके बाद वहाँ सामूहिक प्रार्थना की गई। बाद में नंदी महाराज द्वारा उपयोग किए जाने वाले कमंडल को नारियल के पेड़ से बाँध दिया गया और फिर अंतिम संस्कार पूरा किया गया।

कर्नाटक के बेलगावी में जैन मुनि की निर्मम हत्या और उनके शव को टुकड़ों में काटने के मामले को भारतीय जनता पार्टी ने गहन जाँच की माँग की है। इस केस में भाजपा के राज्य अध्यक्ष नलिन कुमार पटेल ने कहा कि अपराध से जुड़े हर पहलू की पड़ताल होनी चाहिए और राज्य में संत-मुनियों को सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

पुलिस ने अब तक जैन मुनि की हत्या केस में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों की पहचान नारायण बसप्पा माडी और हसन दलायथ (इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार) के तौर पर हुई है। इनका कहना है कि इन्होंने पैसे के विवाद पर हत्या को अंजाम दिया। हालाँकि लोग चाहते हैं कि इस मामले पर अच्छे से जाँच करके सच्चाई का पता लगाया जाए।

इस हत्या की जानकारी होने पर आचार्य लोकेश मुनि ने भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कहा, “जागो जैनों जागो, कम से कम अब तो जागो! जैन कब तक श्वेतांबर दिगम्बर में बँटे रहोगे।”

उन्होंने कहा, “स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जैनाचार्य काम कुमार नंदी जी की कर्नाटक में हत्या कर, शरीर को कई भागों में काटकर, फेंक दिया।अमेरिका में उपवास रखकर जैन व भारतीय समुदाय की ओर से कर्नाटक के राज्यपाल मुख्यमंत्री से अपील करता हूँ कि दोषियों को कठोर दंड के साथ संतों की सुरक्षा के लिए अविलंब उचित कदम उठाए।”

गौरतलब है कि 15 सालों से अहिंसा पर्मोधर्म का प्रचार करने वाले हिरेकोड़ी जैन आश्रम के कामकुमार नंदी महाराज (51) की दो दिन पहले निर्ममता से हत्या करके उनके शव को टुकड़ों में काट दिया गया था। पुलिस की छानबीन में शव में कुछ टुकड़े बरामद होने के बाद उनका अंतिम संस्थकार जैन मठों के महास्वामी के नेतृत्व में किया गया।

संस्कार से पहले श्मशान भूमि का शुद्धिकरण करके यज्ञ पूजा हुई। उसके बाद वहाँ सामूहिक प्रार्थना की गई। बाद में नंदी महाराज द्वारा उपयोग किए जाने वाले कमंडल को नारियल के पेड़ से बाँध दिया गया और फिर अंतिम संस्कार पूरा किया गया। इस दौरान अन्य धर्मों के हजारों श्रद्धालु वहाँ मौजूद थे। लोगों ने माँग उठाई की स्वामी जी की नृशंस हत्या करने वाले आरोपितों की फाँसी की सजा दी जाए।

बताा दें कि बेलगाम जिले के चिक्कोड़ी इलाके में जैन मुनि 108 कामकुमार नंदी जी महाराज नंदी पर्वत आश्रम में पिछले 15 वर्षों से रह रहे थे। गुरुवार को नंदी महराज अचानक लापता हो गए। उनके शिष्यों ने पहले उन्हें अपने स्तर से खोजने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं मिले। आखिरकार आश्रम के शिष्यों ने पुलिस में नंदी महराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू की तो शक एक संदिग्ध पर हुआ।

जब संदिग्ध को हिरासत में ले कर पूछताछ की गई तो उसने जैन मुनि की हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपित मृतक का परिचित है। बताया जा रहा है कि आरोपित ने जैन मुनि से कुछ रुपए उधार लिए थे। काफी दिनों तक न लौटा पाने के बाद जैन मुनि ने अपने पैसे वापस माँगने शुरू किए तो इसी पर आरोपित ने जैन मुनि नंदी महाराज की जान ले ली। आरोपित ने घटना में अपने साथ एक अन्य व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस ने हत्या में शामिल उस दूसरे व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है।

दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जैन मुनि की हत्या कर के लाश टुकड़ों में काट दी। बाद में दोनों ने उन टुकड़ों को कटकाबावी गाँव के पास नदी में फेंकने की जानकारी दी। दोनों की निशानदेही पर पुलिस शव को खोजने का प्रयास कर रही है। हालाँकि, अभी तक पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई है। एहतियातन आश्रम में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मृतक जैन मुनि का जन्म 6 जून 1967 को कर्नाटक के ही बेलगाम जिले में हुआ था। बचपन में उनका नाम भ्रामप्पा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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