13 वर्ष की लड़की के गैंग-रेप के दोषी 16-वर्षीय किशोर को 20 वर्ष की सजा

अदालत ने कहा कि उसके आचरण में सुधार के लिए उसे शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित साधन भी उपलब्ध कराया जाए और उसके आचरण एवं व्यवहार पर नज़र रखते हुए रिपोर्ट पेश करें, ताकि 21 वर्ष पूरा होने के बाद पुन: सुनवाई के लिए समीक्षा की जा सके।

झारखंड की एक स्थानीय अदालत ने पिछले साल सिमडेगा जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में एक किशोर को 20 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित नाबालिग को दोषी करार देते हुए 20 साल की जेल एवं 5,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी।

अतिरिक्त सरकारी वकील (APP) सुभाष प्रसाद ने कहा कि इस जघन्य अपराध के मामले को जिला अदालतों में शिफ्ट किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि चूँकि आरोपित नाबालिग है, इसलिए फिलहाल उसे जेल में न रखकर 21 साल की आयु तक सुरक्षा गृह में रखा जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि अदालत ने फैसला सुनाने के बाद निर्देश देते हुए कहा कि आरोपित नाबालिग को सुरक्षित जगह पर रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुरक्षा गृह के अधिकारियों से कहा कि उसके आचरण में सुधार के लिए उसे शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित साधन भी उपलब्ध कराया जाए और उसके आचरण एवं व्यवहार पर नज़र रखते हुए रिपोर्ट पेश करें, ताकि 21 वर्ष पूरा होने के बाद पुन: सुनवाई के लिए समीक्षा की जा सके।

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गौरतलब है कि, 31 मार्च, 2018 को, एक 13 वर्षीय लड़की अंडे खरीदने गई थी, इसी दौरान नाबालिग लड़के ने उसे अपनी मोटरसाइकिल से केलाघाघ डैम के पास ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपने एक अन्य दोस्त अमृत कुमार प्रसाद को बुलाया और उसने भी नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी और थाना में मामला दर्ज कराया। बता दें कि, अमृत बालिग है और एडीजे अदालत पहले ही उसे 20 वर्ष की कारावास की सजा सुना चुकी है।

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