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जस्टिस बोबडे होंगे अगले CJI: अयोध्या विवाद की सुनवाई करने वाली पीठ में हैं शामिल

अयोध्या विवाद की सुनवाई करने वाली संवैधानिक पीठ में शामिल जस्टिस बोबडे 17 महीने के लिए 23 अप्रैल 2021 तक सीजेआई के पद पर बने रहेंगे। वे देश के 47वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। अयोध्या मामले में गोगोई के रिटायर होने से पहले फैसला आने की उम्मीद है।

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) होंगे। मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी नियुक्ति पर मुहर लगा दी है। 63 वर्षीय बोबडे 18 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ लेंगे। मौजूदा सीजेआई रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

अयोध्या विवाद की सुनवाई करने वाली संवैधानिक पीठ में शामिल जस्टिस बोबडे 17 महीने के लिए 23 अप्रैल 2021 तक सीजेआई के पद पर बने रहेंगे। वे देश के 47वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। अयोध्या मामले में गोगोई के रिटायर होने से पहले फैसला आने की उम्मीद है।

18 अक्टूबर को सीजेआई गोगोई ने केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिख कर जस्टिस बोबडे को अगला चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की थी। वर्तमान में वे देश के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। मुंबई और नागपुर दोनों परिसरों में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं।

लाइव लॉ के अनुसार जस्टिस बोबडे ने 1978 में नागपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन करवाया था। 21 साल तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में प्रैक्टिस की। 1998 में वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया। मार्च 2000 में वे बॉम्बे हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने। अप्रैल 2013 में वे सुप्रीम कोर्ट पहुॅंचे।

सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण बेंच में जस्टिस बोबडे शामिल रहे हैं। 2018 में कर्नाटक के राजनीतिक विवाद को लेकर जिस बेंच ने रात भर सुनवाई की थी, उसमें भी वे शामिल थे। उन्होंने जस्टिस आर बानुमति और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के साथ मिलकर मुख्य न्यायाधीश गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जॉंच भी की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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