Saturday, July 13, 2024
Homeदेश-समाजकमलेश तिवारी के वकील सुशील कुमार वाजपेयी को मिली जान से मारने की धमकी,...

कमलेश तिवारी के वकील सुशील कुमार वाजपेयी को मिली जान से मारने की धमकी, FIR दर्ज

वकील सुशील कुमार का कहना था कि उन लोगों ने उनकी तरफ़ देखते हुए कुछ इशारा किया, जैसे उनकी पहचान कराई जा रही हो। इस बीच, आरोपितों ने अपने परिचितों से बात करने के लिए मोबाइल फोन की माँग की। मोबाइल फोन न दिए जाने पर विरोध-स्वरूप आरोपित लोगों पर भड़क गए और धमकी देने लगे।

हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी के वकील सुशील कुमार वाजपेयी को जान से मारने की धमकी मिली है। इस सन्दर्भ में उन्होंने वजीरगंज कोतवाली में FIR दर्ज कराई है।

नाका के मोती नगर इलाक़े में कमलेश तिवारी के वकील सुशील कुमार वाजपेयी अपने परिवार के साथ रहते हैं। फ़िलहाल, वो दिवंगत कमलेश कुमार की पत्नी किरण तिवारी की तरफ से इस मामले की पैरवी कर रहे हैं। 18 जनवरी को इस मामले की डेट लगी थी। इस दौरान सभी आरोपितों को ज़िला एवं सत्र न्यायालय प्रथम कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद सभी आरोपित बाहर निकल गए, तभी उनके कुछ जानने वाले वहाँ पहुँच गए। इनमें एक महिला भी शामिल थी।

ख़बर के अनुसार, वकील सुशील कुमार का कहना था कि उन लोगों ने उनकी तरफ़ देखते हुए कुछ इशारा किया, जैसे उनकी पहचान कराई जा रही हो। इस बीच, आरोपितों ने अपने परिचितों से बात करने के लिए मोबाइल फोन की माँग की। मोबाइल फोन न दिए जाने पर विरोध-स्वरूप आरोपित लोगों पर भड़क गए और धमकी देने लगे। विरोध के दौरान उन्होंने लोगों से कहा कि वो उन्हें भी देख लेंगे।

इसके बाद कमलेश तिवारी के वकील ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया और मामले की जानकारी दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और घटना-स्थल पर पहुँच कर आरोपितों को लॉकअप में भेज दिया और फिर बाद में उन्हें वापस जेल भेजा गया। बता दें कि सुशील कुमार की सुरक्षा में पहले से ही एक गार्ड को तैनात किया जा चुका है।

इससे पहले, 15 नवंबर 2019 को नाका के खुर्शीदाबाद स्थित पार्टी दफ़्तर पर उर्दू में लिखा धमकीभरा पत्र उन्हें पहले भी मिल चुका है। इस पत्र में पार्टी के महासचिव समेत अन्य हस्तियों को भी कमलेश तिवारी की तरह मार देने की धमकी दी गई थी। इस मामले में कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी ने एक व्यक्ति पर शक़ जताते हुए नाका कोतवाली में शिक़ायत दर्ज कराई थी।

ग़ौरतलब है कि लखनऊ के नाका के खुर्शीदबाग की तंग गलियों में रहने वाले हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर को दो बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। दोनों बदमाश मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर कमलेश के घर की पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर पहुँचे थे। आरोपितों ने पहले कमलेश की गर्दन पर गोली मारी। फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया था। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल व एक खोखा बरामद किया था।

कमलेश तिवारी मर्डर: 2 पर हत्या और 11 पर साजिश रचने का चलेगा मामला, तनवीर अब भी फरार

कमलेश तिवारी मर्डर: मौलाना कैफ़ी को बेल, मुस्लिम संगठन ने खड़ी कर दी थी वकीलों की फौज

कमलेश तिवारी की पत्नी को जान से मारने की धमकी, बंद लिफाफे में भेजा उर्दू में लिखा पत्र

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आपातकाल तो उत्तर भारत का मुद्दा है, दक्षिण में तो इंदिरा गाँधी जीत गई थीं’: राजदीप सरदेसाई ने ‘संविधान की हत्या’ को ठहराया जायज

सरदेसाई ने कहा कि आपातकाल के काले दौर में पूरे देश पर अत्याचार करने के बाद भी कॉन्ग्रेस चुनावों में विजयी हुई, जिसका मतलब है कि लोग आगे बढ़ चुके हैं।

तिब्बत को संरक्षण देने के लिए अमेरिका ने बनाया कानून, चीन से दो टूक – दलाई लामा से बात करो: जानिए क्या है उस...

14वें दलाई लामा 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आ गये, जहाँ उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित सरकार स्थापित की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -