कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्यारों का फोन ट्रेन में रखने वाला नावेद का साथी कामरान भी हुआ गिरफ्तार

इस मामले में लगातार धर-पकड़ जारी है। पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन जैसे-जैसे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है, वैसे-वैसे नए चेहरों का खुलासा हो रहा है।

कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने कामरान नामक शख्स की गिरफ्तारी की है। पुलिस का कहना है कि कामरान नावेद का साथी है। जिसपर कमलेश तिवारी के हत्यारों को नेपाल ले जाने के अलावा अशफाक का फोन ट्रेन में रख पुलिस को भ्रमित करने का भी आरोप है। बताया जा रहा कामरान, नावेद की ट्रेवल एजेंसी का कर्मचारी और उसका करीबी है। बता दें इससे पहले पुलिस नावेद के दो साथियों रईस और आसिफ को गिरफ्तार कर चुकी है।

अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार यूपी पुलिस ने कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में दोनों हत्यारों अशफाक और मोइनुद्दीन से पूछताछ कर चुकी है। इन्हें पिछले हफ्ते गिरफ्तारी के बाद गुजरात से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने इनसे पूछताछ करके बरेली की दरगाह आला हजरत के मौलाना सैय्यद कैफी अली को गिरफ्तार किया था। बाद में लॉ स्टूडेंट और पेशे से वकील मोहम्मद नावेद की गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई और अब आगे मिली जानकारी पर कामरान को भी क्राइम ब्रांच की मदद से यूपी पुलिस ने धर लिया।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

इस मामले में नावेद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों हत्यारों का उससे आमना-सामना करवाया। जिसके बाद हत्यारोपियों और नावेद के बयानों को क्रॉस चेक किया गया। इसके अलावा बता दें पुलिस ने तिवारी की हत्या में आरोपितों की मदद करने वालों का ब्योरा भी तैयार किया है। इस मामले में लगातार धर-पकड़ जारी है। पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन जैसे-जैसे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है, वैसे-वैसे नए चेहरों का खुलासा हो रहा है।

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अब पुलिस सभी एंगल को जाँच परखते हुए इस हत्याकांड में पाकिस्तान कनेक्शन की जाँच कर रही है। जिसके लिए पुलिस के निशाने पर कई संदिग्ध हैं। कहा जा रहा है कि हत्या के बाद जिस तरह हत्यारों को जगह-जगह पर मदद मुहैया करवाई गई, उससे एक नया ट्रेंड सामने आया। इसी कारण से जॉंच में जुटे अधिकारी इस पूरे मामले में किसी आतंकी संगठन के स्लीपिंग मॉड्यूल्स की भूमिका को खंगालने की कोशिश में जुटे हैं।

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