राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को हुई कन्हैयालाल की निर्मम हत्या केस में जाँच के दौरान नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि टेलर कन्हैयालाल की 2 आरोपितों द्वारा हत्या किए जाने के दौरान 3 अन्य दुकान के आस-पास मौजूद थे। ये सभी रियाज और गौस के पकड़े जाने के बाद हमला करने को तैयार थे। पुलिस ने इनमें से 2 अन्य आरोपितों आसिफ और मोहसिन को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपित की तलाश की जा रही है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार आसिफ की उम्र 24 और मोहसिन की उम्र 25 साल है। हमले के लिए ये दोनों अलग-अलग बाइकों पर हमलावर रियाज और मोहम्मद गौस को लेकर घटनास्थल पर गए थे। दुकान से लगगभग 70 मीटर पहले ये दोनों बाइकों पर ही एक गली में रुक गए थे जबकि रियाज और गौस दुकान के अंदर घटना को अंजाम देने चले गए। इन दोनों की तैयारी थी कि अगर किसी हालत में पासा उल्टा पड़ता है या हमलावर पकड़े अथवा कमजोर पड़ते हैं तो ये दोनों भी खंजर और तलवारों से दुकान पर हमला करते।
कन्हैयालाल की हत्या के बाद दोनों हत्यारोपित भाग कर मोहसिन और आसिफ के पास वापस आए। ये दोनों रियाज और गौस को बाइक पर बिठा कर वहाँ से निकल गए। बाद में दोनों हमलावरों के पकड़े जाने पर उन्होंने मोहसिन और आसिफ के बारे में जानकारी दी।
रियाज और गौस की सूचना पर घटनास्थल से कुछ ही दूर पुलिस को एक लावारिस एक्टिवा भी मिली, जिसका रजिस्ट्रेशन मोहम्मद गौस के नाम पर है। एक्टिवा का नंबर RJ 27 BS 1226 है। इस आधार पर पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि हमले के दौरान कोई पाँचवाँ आरोपित भी घटनास्थल के आस-पास मौजूद था। पुलिस उस पाँचवें संदिग्ध की भी तलाश कर रही है।
वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक हमले के दोनों आरोपित रियाज और गौस को पाकिस्तान से निर्देश मिल रहे थे। इन निर्देशों को देने वाले किसी सलमान भाई ने हमलावरों से कुछ अलग करने और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन से कोई फर्क न पड़ने की बात कही थी।
ताजा घटनाक्रम में अशोक गहलोत सरकार ने उदयपुर के एडिशनल SP अशोक कुमार मीणा को सस्पेंड कर दिया है। मीणा के निलंबन की वजह नहीं बताई गई है। इससे पहले स्थानीय SHO और इलाके के ASI को सस्पेंड करके IG और SP को हटाया जा चुका है।


