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‘बुलडोजर चला तो फिर कफन बाँध कर निकलेंगे’: कानपुर में दंगे के बाद शहर के काजी का ऐलान, अब तक 50 गिरफ्तार, 147 अवैध संपत्ति चिह्नित

"यदि इसी तरह से ऐक्शन हुआ और बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई हुई तो लोग कफन बाँध कर मैदान में आएँगे। "

कानपुर में पिछले जुमे के दिन हिंसा के बाद यूपी पुलिस द्वारा अब तक 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं इस मामले में पत्थरबाजी और हिंसा में शामिल आरोपितों के 147 अवैध सम्पत्तियों की पहचान प्रशासन ने कर ली है। जिन पर बुलडोजर चलाए जाने की आशंका के बीच शहर के काजी हाजी अब्दुल कुद्दूस ने विवादित बयान देते हुए पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काजी कुद्दूस ने कहा कि इस मामले में योगी सरकार की पुलिस एकतरफा ऐक्शन ले रही है। इतना ही नहीं बल्कि प्रशासन को धमकी देते हुए कहा कि यदि इसी तरह से ऐक्शन हुआ और बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई हुई तो लोग कफन बाँध कर मैदान में आएँगे। उन्होंने कहा कि अगर यही होना है तो हम मरने के लिए निकल पड़ेंगे। इस बीच, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने भी आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन पक्षपाती है और मुसलमानों को निशाना बना रही है।

काजी ने वहीं यह भी कहा कि अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें 90 से 95 फीसदी तक मुसलमान हैं। काजी का यह भी कहना है कि मुस्लिमों पर भी पत्थर फेंके जाने का वीडियो मौजूद है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल मुसलमानों की ही गलती नहीं है। इन लोगों की सिर्फ यही गलती थी कि जुलूस निकाला था और बाजार बंद करवाया।

वहीं यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है, “पुलिस इस बारे में जल्दी ही नया पोस्टर जारी करेगी। इसमें कुछ और आरोपियों की तस्वीरें होंगी। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मामले में दोषी थे, उन पर ही कार्रवाई होगी। पुलिस के ऊपर पथराव करने वाले लोगों पर ऐक्शन लिया जाएगा। लेकिन किसी भी निर्दोष पर ऐक्शन नहीं होगा।”

उन्होंने कहा कि हिंसा के आरोपितों के ऊपर गैंग्सटर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति को जो नुकसान पहुँचा है, उसकी भरपाई भी दंगाइयों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि जानबूझकर हिंसा कराई गई थी। यह सभी बातें जाँच में सामने आ जाएँगी कि किसने हिंसा का आदेश दिया था और कौन लोग ले जाए गए।

बता दें कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए फोटो हासिल किए थे। इन फोटो के जरिए उन सभी दंगाइयों को पहचानने का काम किया जा रहा है।

गौरतलब है कि कानपुर हिंसा मामले में पुलिस की तरफ से पत्थरबाजों और उपद्रवियों के पोस्टर जारी करने का असर भी साफ़ दिखाई देने लगा है। पोस्टर चस्पा होने के बाद से ही पत्थरबाज योगी सरकार के डर से खुद ही सरेंडर कर रहे हैं। अब तक कुल 50 दंगाइयों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

दो और सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी FIR

कानपुर हिंसा में कुछ उपद्रवियों ने सोशल मीडिया के जरिए भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए भड़काऊ पोस्ट कर लोगों को उकसाया था। वहीं इस मामले में पुलिस ने पहले ऐसे आठ लोगों के एकाउंट चिह्नित किए थे। और अब दो अन्य हैंडल्स पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। इनके खिलाफ आईटी एक्ट व धार्मिक भावनाएँ आहत करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

होगी सख्त कार्रवाई

वहीं टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने कहा कि प्रशासन केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है जो मजहब के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं, सांप्रदायिक तनाव भड़का रहे हैं, आगजनी कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।

भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रशासन किसी धर्म विशेष को निशाना नहीं बना रही है। सरकार की नीति है कि राज्य में दंगाइयों के लिए कोई जगह नहीं है, उसका पालन कर रही है। शर्मा ने जोर देकर कहा, “हम ‘दंगा मुक्त’ उत्तर प्रदेश चाहते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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