Homeदेश-समाजहिजाब पर फैसला देने वाले कर्नाटक HC के जजों को Y कैटेगरी सुरक्षा: रहमतुल्लाह...

हिजाब पर फैसला देने वाले कर्नाटक HC के जजों को Y कैटेगरी सुरक्षा: रहमतुल्लाह ने दी थी धमकी, साथी जमाल सहित गिरफ्तार

जनवरी से शुरू हुए हिजाब विवाद स्कूलों से होकर कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुँच गया था। हाईकोर्ट में तीन जजों की पीठ ने अपने फैसले में हिजाब को इस्लाम का जरूरी हिस्सा मानने से इंकार कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों ने 17 मार्च को बंद बुलाया था।

बुर्का-हिजाब मामले (Burqa-Hijab) पर फैसला सुनाने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के जजों को राज्य सरकार ने Y कैटेगरी की सुरक्षा दी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 20 मार्च (रविवार) को इसकी घोषणा की। इसी के साथ जजों को धमकी देने के मामले में पुलिस ने अब तक 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में कोवाई रहमतउल्लाह भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी देने वालों के खिलाफ विधानसौधा थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया पर तमिलनाडु के मदुरै का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में तमिलनाडु तौहीद जमात का सदस्य कोवई रहमतुल्लाह खुलेआम हिजाब पर फैसला सुनाने वाले जजों को धमकाता दिखा था। वीडियो में वो कह रहा था, “अगर जजों को कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार वो खुद होंगे। झारखंड में मॉर्निंग वॉक के दौरान गलत फैसला देने वाले जज की हत्या हुई थी।”

इस बीच बेंगलुरु पुलिस ने जजों को धमकाने के मामले में कार्रवाई करते हुए कोवई रहमतुल्लाह और जमाल मोहम्मद उस्मानी को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों को तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से पकड़ा गया है। इन दोनों आरोपितों पर अलग-अलग क्षेत्रों में FIR दर्ज हुई है। दोनों की गिरफ्तारी शनिवार (19 मार्च) की रात में हुई है।

जनवरी 2022 में शुरू हुए हिजाब विवाद स्कूलों से होकर कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुँच गया था। हाईकोर्ट में तीन जजों की पीठ ने अपने फैसले में हिजाब को इस्लाम का जरूरी हिस्सा मानने से इंकार कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों ने 17 मार्च (गुरुवार) को बंद बुलाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -