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राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल के 9 कुलपतियों की कर दी छुट्टी: भड़की वामपंथी सरकार ने बताया RSS की साजिश, कहा – हो रहा भगवाकरण

केरल गवर्नर ने केरल यूनिवर्सिटी, महात्मा गाँधी यूनिवर्सिटी, कोच्चि यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेकनॉलजी, केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशियन स्टडीज, कन्नूर यूनिवर्सिटी, एपीजे अब्दुल कलाम टेकनॉलजी यूनिवर्सिटी, श्री शंकराचार्या यूनिवर्सिटी ऑफ संस्कृत, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिकट, मलयालम यूनिवर्सिटी के कुलपतियों से उनका इस्तीफा माँगा है।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य की 9 यूनिवर्सिटी के कुलपतियों से उनका इस्तीफा आज सुबह 11:30 बजे तक देने को कहा था। गवर्नर खान ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया आदेश के बाद लिया था जिसमें यूजीसी के नियमों के विपरीत जाकर एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति को रद्द करने का आदेश था।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि यूजीसी के मुताबिक, राज्य द्वारा गठित खोज समिति को कुलपति पद के लिए इंजीनियरिंग विज्ञान क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के बीच से कम से कम 3 उपयुक्त व्यक्तियों के एक पैनल की सिफारिश करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उसने केवल एक ही नाम भेजा।

इसी आदेश पर केरल गवर्नर ने केरल यूनिवर्सिटी, महात्मा गाँधी यूनिवर्सिटी, कोच्चि यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेकनॉलजी, केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशियन स्टडीज, कन्नूर यूनिवर्सिटी, एपीजे अब्दुल कलाम टेकनॉलजी यूनिवर्सिटी, श्री शंकराचार्या यूनिवर्सिटी ऑफ संस्कृत, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिकट, मलयालम यूनिवर्सिटी के कुलपतियों से उनका इस्तीफा माँगा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा जारी किए गए नोटिस को राज्य की सीपीएम सरकार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की साजिश बताया। आरोप लगाए जाने लगे कि शिक्षा प्रणाली का भगवाकरण करने के एजेंडे के साथ ये सब हो रहा है। सीपीएम का कहना है कि यह फैसला लोकतंत्र की सभी सीमाओं का उल्लंघन है।

कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गोपीनाथ रविंद्रन ने राज्यपाल के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। देखते हैं कि मेरे इस्तीफा नहीं देने पर क्या कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीपीएम ने राज्य सचिव एमवी गोविंदन और भाकपा केके राजेंद्रन ने कहा कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट नेताओं के यहाँ आयोजित एक बैठक में फैसला किया गया कि विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में गवर्नर ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया इसलिए वह इसके विरोध में राजव्यापी प्रदर्शन करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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