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बरखा दत्त की ‘Shero’ का हिजाब खींचकर केरल पुलिस ने गाड़ी में बैठाया, प्रयागराज में ‘बुलडोजर’ का एक्शन देख करवा रही थी हाईवे ब्लॉक

सामने आई तस्वीर में आयशा नारे लगाने वाली मुद्रा में हैं और केरल की महिला पुलिसकर्मी उनका हिजाब पकड़कर उन्हें खींचते हुए ले जा रही हैं। अगली वीडियो में कुछ अन्य महिला पुलिसकर्मी आयशा को उठाकर गाड़ी में बिठा रही हैं।

साल 2019 में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान Shero बनकर उभरी आयशा रेन्ना एक बार फिर से केरल में प्रदर्शन के कारण चर्चा में आई है। दरअसल, आयशा केरल के मल्लापुरम में भीड़ जुटाकर उस जावेद के घर पर हुई ‘बुलडोजर कार्रवाई’ का विरोध कर रही थी, जो प्रयागराज हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता कहा जा रहा है। आयशा पर आरोप है कि उसने मल्लापुरम में हाईवे को ब्लॉक करने के लिए भीड़ का नेतृत्व किया, जिसके बाद केरल पुलिस उस प्रदर्शन में पहुँची और खींचते हुए आयशा को वहाँ से बाहर ले गई।

सामने आई तस्वीर में आयशा नारे लगाने वाली मुद्रा में हैं और केरल की महिला पुलिसकर्मी उनका हिजाब पकड़कर उन्हें खींचते हुए ले जा रही हैं। अगली वीडियो में कुछ अन्य महिला पुलिसकर्मी आयशा को उठाकर गाड़ी में बिठा रही हैं वही आयशा गाड़ी में बैठने से मना कर रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आयशा को हिरासत में ले लिया है। कुछ लोग आयशा के साथ हुए ऐसे बर्ताव के लिए केरल पुलिस की आलोचना कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग केरल पुलिस को सही भी ठहरा रहे हैं।

बता दें कि आयशा रेन्ना केरल के मल्लापुरम के कोनडोट्टी की रहने वाली है। साल 2019 में जब सीएए एनआरसी के खिलाफ प्रोटेस्ट हुए तो आयशा की तस्वीर मीडिया में वायरल हुई थी। वह अपने साथियों को बचाने के लिए पुलिस के आगे खड़ी दिखी थी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते उसकी फोटोज आई, जिन्हें देख बरखा दत्त ने उन्हें अपने ट्वीट में अपनी जामिया और शाहीन बाग की शीरो बताया। 2019 से पहले की बात करें तो आयशा 2015 में भी नागपुर में मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को सजा मिलने पर दुख जता चुकी हैं। हाल में उन्होंने यूपी के दंगों के साजिशकर्ता जावेद पंप और उनकी बेटी आफरीन फातिमा को समर्थन दिया है। आफरीन को लेकर भी पुलिस ने कहा है कि वो भी ऐसी ही गतिविधियों में शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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