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बिहार पुलिस की जमीन से लेकर सदन तक धुलाई: कहीं शराब तो कहीं बालू माफिया के लोगों ने पीटा, FIR में मनमानी पर विधायकों ने घेरा

भोजपुर में शराब माफियाओं को पकड़ने गई पुलिस टीम पर 50-60 लोगों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर भीड़ गिरफ्तार लोगों को छुड़ा ले गई।

एक तरफ बिहार पुलिस माफियाओं से पिट रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के विधायक भी उस पर मनमानी का आरोप लगा रहे हैं।रविवार (26 मार्च 2023 ) को 2 अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की टीम पर हमले की घटना सामने आई है। पहली घटना भोजपुर जिले की है, जहाँ देर शाम शराब माफियाओं के खिलाफ छापेमारी करने पहुँची पुलिस को निशाना बनाया गया। दूसरी घटना गया जिले के बेलागंज की है। यहाँ फल्गु नदी से अवैध रूप से बालू निकालने वालों ने पुलिस के साथ हाथापाई की और जब्त जेसीबी मशीन छुड़ा ले गए। वहीं सोमवार को विधानसभा में सत्ताधारी दल के कई विधायकों ने पुलिस की मनमानी पर सवाल उठाए।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना इलाके के अरगसंडा-लाल बाजार के बिंद टोली में अवैध शराब की बिक्री हो रही थी। इसकी जानकारी पाकर पुलिस टीम छापेमारी करने पहुँची। पुलिस ने शराब का धंधा करने वाले 4 लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद 50-60 लोगों ने पुलिस की टीम पर हमला बोल दिया। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक छापेमारी के बाद ही भीड़ जमा होने लगी थी। लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पुलिस की टीम पर हमला किया गया।

हमले में एएसआई अनिल कुमार सिंह समेत 6 पुलिसकर्मियों के जख्मी होने की खबर है। पुलिस की गाड़ी को क्षति पहुँचाई गई। साथ ही हमलावर भीड़ गिरफ्तार शराब माफियाओं को भी छुड़ा ले गई। जानकारी के मुताबिक पुलिस पर हमला करने वालों में महिलाएँ भी शामिल थीं।

वहीं दूसरा मामला गया के बेलागंज थाना इलाके के दलेलचक गाँव के पास का है। पुलिस को फल्गु नदी से अवैध बालू खनन की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। बालू खनन में इस्तेमाल किए जा रहे जेसीबी को कब्जे में ले लिया गया। इस दौरान मौके पर रेत माफिया के लोग जमा हो गए। पुलिसकर्मियों को घेरकर वे हाथापाई करने लगे और जेसीबी मशीन छुड़ा ले गए।

मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस ऑफिसर के हाथ में जबरन रुपया थमाते हुए वीडिया बनाया। रेत माफिया दिखाना चाहते थे कि पुलिस उनसे रिश्वत लेने पहुँची है। पुलिस की टीम पर हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद डीएसपी के नेतृत्व में अतिरिक्त बलों की टीम मौके पर पहुँची। बताया जा रहा है कि मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

इस बीच बिहार विधानसभा में राजद, वाम दल और काॅन्ग्रेस के विधायकों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कहा कि थाने में एफआईआर दर्ज करने को लेकर पुलिस मनमानी करती है। राजद विधायक ऋषि कुमार और भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिना पैरवी पुलिस केस नहीं दर्ज करती है। वामपंथी विधायक अजय कुमार ने कहा कि पुलिस शिकायत लेकर थाने पहुँचे लोगों के साथ सही व्यवहार नहीं करती है। काॅन्ग्रेस विधायक विजय शंकर दुबे ने कहा कि बिना किसी कारण के लोगों को थाने में पकड़कर रखा जाता है। उनके साथ साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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