Tuesday, July 23, 2024
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‘ईसाई लड़कियों का धर्म परिवर्तन इस्लाम में नहीं बल्कि इस्लामी आतंक में शामिल करने के लिए’

पिछले 7 साल (2005 से 2012) में 4 हजार ईसाई लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हुई हैं। इन सभी मामलों में पहले लड़की को प्यार के जाल में फँसाया गया और फिर जबरन...

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने ईसाई लड़कियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने गृहमंत्री का ध्यान ईसाई लड़कियों के साथ हो रही लव जिहाद की घटनाओं पर दिलाया है। कुरियन ने पत्र में लिखा है कि ऐसा लगता है कि ईसाई समुदाय की लड़कियाँ इस्लामी कट्टरपंथियों का सॉफ्ट टारगेट हैं। जिससे उन्हें लव जिहाद का शिकार बनाकर आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए वह इस मामले में एनआईए जाँच का आदेश चाहते हैं।

इस मामले के संबंध में इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कुरियन ने बताया कि बहुत से ऐसे सुनियोजित मामले हैं, जहाँ ईसाई महिलाओं का धर्म परिवर्तन इस्लाम में या इस्लाम के लिए नहीं बल्कि इस्लामी आतंक में शामिल करने के लिए करवाया गया। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को आतंकी क्रियाकलापों के लिए वाहक की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मुस्लिम समुदाय भी विरोध कर चुका है।

अमित शाह को लिखे अपने एक पेज के पत्र में कुरियन ने आगाह करते हुए बताया कि ये बहुत महत्तवपूर्व मुद्दा है, इसलिए गृह मंत्रालय इस खतरनाक प्रवृति पर ध्यान दे और इस मामले के संबंध में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को जाँच के आदेश दे। साथ ही कट्टरपंथी तत्वों की ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी कानून लाए।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ने अमित शाह से ये गुहार 2 ईसाई परिवारों की शिकायत मिलने के बाद लगाई है। उन्होंने अपने पत्र में दो घटनाओं का हवाला भी दिया है।

पहली घटना दिल्ली की मलयाली ईसाई लड़की की है, जिसका कुछ समय पहले पश्चिम एशियाई देश में अपहरण हुआ था। इसमें लड़की के माता पिता का कहना है कि उन्हें डर है कहीं उनकी लड़की को गुमराह और दिमागी तौर पर परेशान किया गया हो।

वहीं, दूसरा मामला कोझिकोड का है। इस मामले में ईसाई कॉलेज की छात्रा के साथ पहले वीडियो बनाते हुए बलात्कार किया गया, और फिर बाद में धमकी देकर पीड़ित को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया। इस मामले में पुलिस आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है।

बता दें कि इन दो ईसाई परिवारों की शिकायत के बाद अमित शाह को लिखे गए पत्र में उपाध्यक्ष ने अमित शाह से कहा कि पिछले 7 साल (2005 से 2012) में 4 हजार ईसाई लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हुई हैं। इन सभी मामलों में पहले लड़की को प्यार के जाल में फँसाया गया और फिर जबरन उनका धर्मांतरण करवाया गया। अधिकतर मामलों में लड़की का ब्रेन वॉश हुआ।

उल्लेखनीय है कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों ने पहले लव जिहाद के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला हुआ है। लेकिन पहली बार है जब अल्पसंख्यक आयोग जैसे संस्था के उपाध्यक्ष ने लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल किया है। उनके मुताबिक अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिमों के निशाने पर हैं।

कुरियन के अनुसार शिकायतकर्ताओं की आशंकाएँ गलत नहीं हैं, क्योंकि पूर्व में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें बताया गया था कि केरल से आईएस में शामिल होने वाले 21 लोगों में से 5 ईसाई धर्म से परिवर्तित किए गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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